झारखंड श्रमिक संघ का संयुक्त सम्मेलन 1 मई को, केंद्र की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
मुख्य अतिथि होंगे शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन, सम्मेलन में श्रमिक आयोग की मांग समेत कई मुद्दे उठेंगे

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जमशेदपुर।
झारखंड श्रमिक संघ की ओर से आगामी 1 मई (मजदूर दिवस) के अवसर पर आदिवासी एसोसिएशन हॉल, न्यू सीतारामडेरा में एक दिवसीय संयुक्त मजदूर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस आशय की जानकारी मंगलवार को झामुमो जिला संपर्क कार्यालय, साकची में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान संघ के केंद्रीय संयुक्त महासचिव शैलेंद्र मैथी ने दी।

शैलेंद्र मैथी ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर रणनीति बनाना और आवाज बुलंद करना है। उन्होंने कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार की नीतियां मजदूरों के हितों के विपरीत हैं और इसके खिलाफ अब एक व्यापक आंदोलन की जरूरत है।

सम्मेलन में ये होंगे शामिल
सम्मेलन के मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन होंगे।
जबकि सम्मानित अतिथियों में जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी, पोटका विधायक संजीव सरदार, बहरागोड़ा विधायक समीर मोहंती और ईचागढ़ विधायक सविता महतो सहित शाहिद केंद्रीय समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहेंगे।

श्रमिकों के अधिकारों की लड़ाई जरूरी
मैथी ने श्रमिकों की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताया और कहा कि अब समय आ गया है कि श्रमिक संगठित होकर अपने अधिकारों और हकों की लड़ाई लड़ें। उन्होंने 1991 में शुरू हुई उदारीकरण-निजीकरण की नीति और वर्तमान में लागू चार श्रम संहिताओं (कोड्स) को मजदूर विरोधी करार देते हुए उनकी तीव्र आलोचना की।

सम्मेलन में रखी जाएंगी ये मुख्य मांगे:

झारखंड में राज्य श्रमिक आयोग का गठन

ठेका प्रथा पर रोक

घरेलू कामगारों के लिए विशेष श्रम कानून

मजदूरों को उनका बकाया रॉयल्टी भुगतान सुनिश्चित करना


सम्मेलन को लेकर श्रमिक संगठनों में उत्साह
प्रेस वार्ता में आईटीयूसी अध्यक्ष एसके घोषाल, झारखंड वर्कर्स यूनियन के केंद्रीय महासचिव ओम प्रकाश सिंह, खुदू उरांव, के एल महतो, धीरेंन मार्डी और प्रीतम हेंब्रम समेत कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। सभी ने मजदूर एकता और उनके अधिकारों के लिए संयुक्त संघर्ष की आवश्यकता पर जोर दिया।

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