जमशेदपुर के एक टाटा मोटर्स ठेका श्रमिक को 18 वर्षों से उसका निपटान बकाया नहीं मिलने के कारण अंततः सामाजिक सेवा संघ और श्रम अधीक्षक के हस्तक्षेप से 1.15 लाख रुपये मिले।

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Jamshedpur  :टाटा मोटर्स कंपनी के एक ठेका मजदूर जयपाल सामड को आखिरकार 18 वर्षों की सेवा के बाद फाइनल सेटलमेंट की राशि मिल गई है। यह राशि उसे ठेकेदार आई अहमद एंड संस द्वारा लंबे समय से नहीं दी जा रही थी। लेकिन सामाजिक सेवा संघ की सक्रिय पहल और श्रम अधीक्षक के हस्तक्षेप से मजदूर को ₹1,15,000 का चेक सौंपा गया।

18 साल काम करने के बाद भी नहीं मिला था सेटलमेंट

जयपाल सामड, जो सरजामदा परसुडीह के निवासी हैं, टाटा मोटर्स कंपनी में आई अहमद एंड संस के अधीन ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। सेवा पूरी होने के बाद उन्हें उनकी फाइनल सेटलमेंट की राशि नहीं दी गई, जिससे वे आर्थिक संकट में थे।

सामाजिक सेवा संघ बना सहारा

मजदूर ने जब सामाजिक सेवा संघ से संपर्क किया, तब संघ ने श्रम अधीक्षक के समक्ष एक आधिकारिक आवेदन प्रस्तुत किया। इस पहल पर श्रम अधीक्षक ने मामले को संज्ञान में लेते हुए ठेकेदार को भुगतान करने का निर्देश दिया।

115000 रुपये का चेक मिला

संघ की इस पहल के बाद जयपाल सामड को ₹1,15,000 का चेक सौंपा गया। इस अवसर पर सामाजिक सेवा संघ के अध्यक्ष राजेश सामंत, झारखंड आंदोलनकारी नेता राज लकड़ा, छोटे सरदार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।


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