आस्ता गांव में दो वर्षों से खराब जलमीनार, शुद्ध पेयजल के लिए ग्रामीण परेशान

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Jadugoda : डुमरिया प्रखंड के बड़ा आस्ता पंचायत अंतर्गत आस्ता (कोवाली) गांव में पिछले दो वर्षों से जलमीनार खराब पड़े रहने के कारण ग्रामीणों के समक्ष पेयजल संकट गहरा गया है। जलापूर्ति व्यवस्था ठप होने से लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। मामले को लेकर जनता दल (यू) के जिला महासचिव वीर सिंह देवगम ने जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की है।

जानकारी के अनुसार गांव में दिनेश पातर के घर के समीप स्थापित जलमीनार करीब दो वर्षों से खराब पड़ा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया गया, लेकिन अब तक मरम्मत की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

जदयू जिला महासचिव वीर सिंह देवगम ने विधायक सरयू राय एवं पार्टी के जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव से मुलाकात कर जलमीनार की मरम्मत कराने की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि जलमीनार बंद रहने के कारण ग्रामीणों को लगभग दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है।

वीर सिंह देवगम ने अपने पत्र में कहा कि भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट ने ग्रामीणों की परेशानी और बढ़ा दी है। उन्होंने प्रशासन से अविलंब कार्रवाई कर जलमीनार को चालू कराने की मांग की, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।

इस संबंध में भेजे गए पत्र की प्रतिलिपि जदयू जिला अध्यक्ष सुबोध श्रीवास्तव तथा डुमरिया प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को भी प्रेषित की गई है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के हस्तक्षेप से जल्द ही जलमीनार की मरम्मत कर पेयजल आपूर्ति बहाल की जाएगी।

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