चाईबासा नगर परिषद के 90 लाख के प्रवेश द्वार योजना पर विवाद, निविदा रद्द करने की मांग

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Chaibasa : चाईबासा नगर परिषद द्वारा शहर में चार स्थानों पर प्रवेश द्वार (Entry Gate) निर्माण के लिए जारी की गई ₹90 लाख 29 हजार 600 रुपये की निविदा अब विवादों में आ गई है। इस परियोजना को लेकर उपायुक्त को एक लिखित निवेदन दिया गया है, जिसमें निविदा को अवैधानिक करार देते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की गई है।

निवेदन में उल्लेख किया गया है कि नगर परिषद ने रेफरेंस नंबर UDD/CN/OR/2025-26 के तहत यह निविदा 14 नवंबर को जारी करने की तैयारी की है। नगर प्रबंधक और सहायक अभियंता से मिली जानकारी के अनुसार, इस कार्य का प्राक्कलन किसी एजेंसी द्वारा तैयार किया गया है और प्रवेश द्वार निम्न चार स्थानों पर प्रस्तावित हैं—

1. टुंगरी रेलवे ओवर ब्रिज के पहले,


2. बड़ी बाजार रोरो पुलिया के समीप,


3. सिधेश्वर मंदिर, महुलसाई रोड,


4. बस स्टैंड से रेलवे आर.ओ.बी. के पास।



निवेदक का कहना है कि ये सभी स्थान राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और पथ निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। ऐसे में, बिना दोनों विभागों से अनुमति या सहमति लिए नगर परिषद द्वारा निविदा प्रक्रिया शुरू करना कानूनी दृष्टि से अनुचित और असंवैधानिक है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों की चौड़ाई लगभग 40–50 फीट, जबकि पथ निर्माण विभाग की सड़कों की चौड़ाई 30–40 फीट है। ऐसे में प्रवेश द्वार निर्माण से यातायात व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

निवेदन में आगे कहा गया है कि “नगर परिषद द्वारा 90 लाख रुपये की राजस्व राशि का उपयोग यदि असंवैधानिक तरीके से किया गया, तो यह लोकधन के दुरुपयोग की श्रेणी में आएगा।” निवेदक ने सुझाव दिया है कि उक्त राशि को शहर के मंगला बाजार क्षेत्र की स्वच्छता और सार्वजनिक सुविधा सुधार में खर्च किया जाए, जिससे आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।

यह योजना फिलहाल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने भी नगर परिषद से पारदर्शिता बरतने की मांग की है। प्रशासन अब इस पर क्या निर्णय लेता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।

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