सुकिंदा में सस्टेनेबल माइनिंग को नई दिशा, टाटा स्टील ने तैनात की नेक्स्टजेन वाटर मैनेजमेंट टेक्नोलॉजी

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Jamshedpur:वैश्विक जल संकट और पर्यावरणीय क्षरण की बढ़ती चिंताओं के बीच टाटा स्टील ने ओडिशा के जाजपुर जिले स्थित सुकिंदा क्षेत्र में जिम्मेदार खनन (सस्टेनेबल माइनिंग) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने जल प्रदूषण नियंत्रण, संसाधन संरक्षण और सामुदायिक स्वास्थ्य सुरक्षा को केंद्र में रखते हुए उन्नत जल प्रबंधन प्रणालियों और डिजिटल मॉनिटरिंग टूल्स की व्यापक तैनाती की है।

उच्च क्षमता वाले ETP से जल शोधन को मजबूती

इन पहलों के केंद्र में सुकिंदा स्थित क्रोमाइट माइंस में स्थापित 4,500 केएल प्रति घंटा क्षमता वाला अत्याधुनिक एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (ETP) है। यह संयंत्र औद्योगिक अपशिष्ट जल और सतही बहाव का वैज्ञानिक उपचार कर अवांछित तत्वों को हटाता है, जिससे जल का सुरक्षित पुनः उपयोग या पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप निर्वहन सुनिश्चित होता है।

इसके अतिरिक्त, कंपनी ने सरुआबिल क्रोमाइट माइन में 1,200 केएल प्रति घंटा क्षमता वाला नया ETP शुरू किया है, जो पहले से संचालित 380 केएल प्रति घंटा इकाई को सुदृढ़ करता है। शोधित जल का उपयोग बागवानी और धूल नियंत्रण जैसे कार्यों में किया जाता है। यह सुनिश्चित किया जाता है कि उपचारित जल ओडिशा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (OSPCB) के मानकों पर खरा उतरे।

डिजिटल मॉनिटरिंग और NABL सत्यापन से पारदर्शिता
जवाबदेही को और मजबूत करने के लिए कंपनी ने सेंसर-आधारित रियल-टाइम जल गुणवत्ता निगरानी प्रणाली लागू की है। महत्वपूर्ण मानकों की सतत निगरानी की जाती है, जबकि डेटा का नियमित सत्यापन नेशनल एक्रेडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज़ (NABL) से मान्यता प्राप्त थर्ड-पार्टी प्रयोगशाला द्वारा किया जाता है। इससे वैज्ञानिक पारदर्शिता और सामुदायिक विश्वास को मजबूती मिलती है।
ऑनसाइट WTP और स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट
टाटा स्टील अपने सरुआबिल और कमार्दा क्रोमाइट माइंस में 50 घन मीटर प्रति घंटा क्षमता वाले ऑनसाइट वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) भी स्थापित कर रही है, जिससे शोधित जल को और शुद्ध कर उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जा सके।

आईओटी सेंसर, ऑटोमेशन और डेटा एनालिटिक्स से संचालित स्मार्ट वाटर मैनेजमेंट सिस्टम जल प्रवाह और खपत की रियल-टाइम निगरानी करता है। इससे जल की बर्बादी कम होती है और समय पर हस्तक्षेप संभव हो पाता है।

कंपनी ने फ्लक्स जेन सस्टेनेबल टेक्नोलॉजीज के साथ साझेदारी में पूरे जल चक्र का डिजिटलीकरण किया है। मोबाइल और वेब एप्लिकेशन आधारित इंटरएक्टिव डैशबोर्ड के माध्यम से डेटा की उपलब्धता ने पारदर्शिता और परिचालन दक्षता दोनों को बढ़ाया है।
जिम्मेदार खनन की नई परिभाषा

फेरो एलॉयज़ एंड मिनरल्स डिवीजन (FAMD) के एग्जीक्यूटिव-इन-चार्ज ने कहा कि जल एक साझा संसाधन है और इसकी सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्नत शोधन प्रणालियों और डिजिटल मॉनिटरिंग में निवेश, संसाधन संरक्षण और सामुदायिक समृद्धि के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अपने इन सतत प्रयासों के माध्यम से टाटा स्टील ने सुकिंदा जैसे खनन-प्रधान क्षेत्र में जिम्मेदार जल प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के नए मानक स्थापित किए हैं, जो नवाचार, संवेदनशीलता और सामुदायिक सहभागिता के संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

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