Jamshedpur: शबरी बस्ती संडे पाठशाला में रविवार को मित्रता दिवस एवं भारतीय कला-संस्कृति पर आधारित प्रेरणादायी और रचनात्मक सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति और रचनात्मक सोच का विकास करना था।
सत्र की शुरुआत पायल मूनका ने तीन बार ‘ॐ’ के उच्चारण के साथ कराई। इससे बच्चों में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और एकाग्रता का वातावरण बना।
मित्रता दिवस के अवसर पर बच्चों को श्रीकृष्ण और सुदामा की अमर मित्रता पर आधारित ऑडियो-विजुअल कहानी दिखाई गई। इस प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों को सच्ची मित्रता, निस्वार्थ सहयोग, समर्पण और कठिन परिस्थितियों में मित्र का साथ निभाने का महत्व समझाया गया। इसके बाद पूनम अग्रवाल ने मित्रता दिवस पर प्रेरणादायी कविता सुनाकर बच्चों को सच्चे मित्र के गुणों और मित्रता के मूल्यों से परिचित कराया।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में तेजस्विनी सिंह ने बच्चों को भारत की प्राचीन एवं समृद्ध कला मंडला आर्ट का प्रशिक्षण दिया। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ आकर्षक मंडला कलाकृतियां तैयार कीं। इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनकी रचनात्मकता, धैर्य, एकाग्रता, सूक्ष्म मोटर कौशल और सृजनात्मक सोच को विकसित करना था।
कार्यक्रम के समापन पर सभी बच्चों को चॉकलेट वितरित की गई। पूरे सत्र के दौरान बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सीखने के साथ आनंद का भी अनुभव किया।
संडे पाठशाला से जुड़े कार्यकर्ताओं ने बताया कि शबरी बस्ती संडे पाठशाला का उद्देश्य शिक्षा, संस्कार, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य करना है। आने वाले समय में भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास को केंद्र में रखकर ऐसे रचनात्मक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
















