Jamshedpur: दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल प्रशिक्षण संस्थान (जेडआरटीआई), सिनी में एक दिवसीय बहुविषयक आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में दक्षिण पूर्व रेलवे और ईस्ट कोस्ट रेलवे के विभिन्न मंडलों से आए रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजरों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में टाटानगर रेल सिविल डिफेंस के इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने अतिथि व्याख्याता के रूप में आपदा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया। उन्होंने दुर्घटना के बाद गोल्डन आवर के महत्व, एम्बुलेंस सेवा 102 एवं 108, घायलों के ट्रायेज, सुरक्षित परिवहन, प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड), फर्स्ट एडर की भूमिका तथा सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की व्यावहारिक जानकारी दी।
प्रशिक्षण के दौरान मानसून के मद्देनजर सर्पदंश से बचाव, विषैले और गैर-विषैले सांपों की पहचान तथा आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों की भी डिजिटल माध्यम से जानकारी दी गई।
वहीं, डेमोंस्ट्रेटर अनिल कुमार सिंह ने अग्निशमन यंत्र (फायर एक्सटिंग्विशर) के सुरक्षित उपयोग, सावधानियों एवं अग्निशमन तकनीकों का मॉक ड्रिल के माध्यम से प्रदर्शन कर प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
इस प्रशिक्षण में संबलपुर, रायपुर, भुवनेश्वर और आद्रा मंडलों से आए कुल 65 रिफ्रेशर ट्रेन मैनेजर शामिल हुए।
कार्यक्रम के अंत में संस्थान के मुख्य अनुदेशक संतोष कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा दिए गए आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी और प्रभावी बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का व्यावहारिक प्रशिक्षण रेलवे कर्मियों को आपात परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के लिए बेहतर ढंग से तैयार करता है।
















