आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर आरटीआई संघ का प्रतिनिधिमंडल विधायक संजीव सरदार से मिला

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Jamshedpur : सूचना के अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत झारखंड में पारदर्शिता और जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए कार्यरत आरटीआई कार्यकर्ता लगातार धमकियों और प्रशासनिक उदासीनता का सामना कर रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को लेकर आज आरटीआई कार्यकर्ता संघ, झारखंड के एक प्रतिनिधिमंडल ने पोटका विधायक श्री संजीव सरदार से सर्किट हाउस, बिस्टुपुर में मुलाकात की।

प्रतिनिधिमंडल ने विधायक श्री सरदार से आग्रह किया कि वे इस मामले को आगामी विधानसभा सत्र में प्राथमिकता के साथ उठाएं।

आरटीआई कार्यकर्ता कृतिवास मंडल को 18 जून 2025 को एक अज्ञात मोबाइल नंबर से जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसकी शिकायत 20 जून को पुलिस अधीक्षक, पूर्वी सिंहभूम को दी गई, लेकिन 65 दिन बीतने के बाद भी ना तो एफआईआर दर्ज हुई और ना ही सुरक्षा प्रदान की गई।

पोटका के सुनील मुर्मू को एक स्थानीय मुखिया द्वारा धमकी दी गई थी, लेकिन मामला सिर्फ धारा 156 बी एन एस एस के तहत दोनों पक्षों पर कार्रवाई कर निष्पक्षता से हटकर रफा-दफा कर दिया गया।

प्रतिनिधिमंडल की प्रमुख मांगें:

1. धमकी देने वाले मोबाइल नंबर की तत्काल पहचान कर एफआईआर दर्ज की जाए।


2. प्रकरण की निष्पक्ष जांच हेतु घोड़ाबांधी थाना एवं डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) की भूमिका की जाँच कराई जाए।


3. आरटीआई कार्यकर्ताओं की सुरक्षा हेतु एक स्पष्ट नीति राज्य सरकार द्वारा बनाई जाए।


4. आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को प्राथमिकता से उठाया जाए।


5. यदि भविष्य में किसी आरटीआई कार्यकर्ता को शारीरिक या मानसिक क्षति पहुँचती है, तो उसकी पूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।


प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख सदस्य:

श्री दिल बहादुर – अध्यक्ष, आरटीआई कार्यकर्ता संघ

श्री सदन कुमार ठाकुर – उपाध्यक्ष

श्री दिनेश कुमार “किनू” – अध्यक्ष, मानवाधिकार संघ

श्री दिनेश कर्मकार – सचिव

श्रीमती सुलोचना मुंडा

श्री चंद्रशेखर रजक आदि

संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, ताकि वे निर्भीक होकर पारदर्शिता, सुशासन और जनहित से जुड़े कार्यों को बिना किसी दबाव के आगे बढ़ा सकें।

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