Jamshedpur : Sanjeev Sardar पोटका प्रखंड के गवालकाटा पंचायत स्थित सबरनगर राजकीय अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय की बदहाल स्थिति शुक्रवार को उस समय उजागर हो गई, जब विधायक संजीव सरदार ने अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में रह रहे 248 आदिवासी छात्रों की दयनीय स्थिति सामने आई, जिसे देखकर विधायक ने गहरा आक्रोश जताया और संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
सुबह करीब 9 बजे पहुंचे विधायक ने पाया कि छात्रों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार नाश्ता तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था। छात्रों ने खुद आगे आकर विधायक को विद्यालय की वास्तविक स्थिति दिखाई और कई गंभीर अनियमितताओं की जानकारी दी।
हॉस्टल और शौचालयों की हालत बेहद खराब मिली। जगह-जगह गंदगी, दुर्गंध और बुनियादी सुविधाओं का अभाव छात्रों की मुश्किलें बढ़ा रहा था। कमरों में पंखे और बिजली की उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे भीषण गर्मी में छात्र परेशान हैं।
भोजन व्यवस्था भी गंभीर सवालों के घेरे में है। छात्रों ने आरोप लगाया कि दूध में भारी मात्रा में पानी मिलाया जाता है और घटिया गुणवत्ता के तेल का उपयोग किया जाता है। इतना ही नहीं, भोजन के लिए पानी तक बाहर से मंगवाया जाता है।
विद्यालय में पिछले छह वर्षों से जेनरेटर खराब पड़ा है और उसे ठीक कराने की कोई पहल नहीं हुई। खेल सामग्री का अभाव भी सामने आया—छात्रों ने बताया कि वे अपनी किताबें बेचकर खेल सामग्री खरीदने को मजबूर हैं।
निरीक्षण के बाद विधायक संजीव सरदार ने कहा कि यह स्थिति सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है और इसमें बिचौलियों की भूमिका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रधानाध्यापक और सुपरिटेंडेंट को सात दिनों के भीतर व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया है।
विधायक ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वे स्वयं इस विद्यालय की निगरानी करेंगे और छह महीने के भीतर यहां की व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त की जाएगी।










