Adityapur : वार्ड संख्या-17 स्थित प्रभात पार्क के समीप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। रविवार को वार्ड-18 के पूर्व पार्षद रंजन सिंह ने अपने आवासीय कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में वार्ड-17 की पार्षद नीतू शर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
रंजन सिंह ने कहा कि जब अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही थी, उस समय वह गांव में थे। लौटने के बाद प्रभावित दुकानदार उनके पास पहुंचे और बताया कि उनकी दुकानें तोड़ी जा रही हैं। मामले की जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि कार्रवाई कथित तौर पर पार्षद के पत्र के आधार पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने नीतू शर्मा से फोन पर संपर्क किया, लेकिन उन्हें बाद में बात करने की बात कही गई। इसी दौरान नगर निगम की टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू कर चुकी थी।
पूर्व पार्षद ने कहा कि उन्होंने उपनगर आयुक्त पारुल से बातचीत कर एसडीओ के आदेश का सम्मान करते हुए कानून का विरोध नहीं करने की बात कही, लेकिन दुकानदारों को अपना सामान हटाने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया। इसके बाद दुकानदारों ने स्वयं बांस के ढांचे को हटा लिया, जबकि टीन शेड हटाने के लिए उन्हें एक-दो दिन की मोहलत दी गई।
रंजन सिंह ने आरोप लगाया कि कार्रवाई पूरी होने के बाद पार्षद नीतू शर्मा मौके पर पहुंचीं और विरोध दर्ज कराने लगीं। उन्होंने कहा कि जब अधिकांश ढांचे हटाए जा चुके थे, तब हंगामा करने का कोई औचित्य नहीं था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि नीतू शर्मा ने बाद में सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दावा किया कि प्रभावित दुकानदार उनके पास आए हैं और उन्हें पुनर्वास दिलाने का प्रयास किया जाएगा। रंजन सिंह ने इसे “दोहरा रवैया” बताते हुए कहा कि पहले कार्रवाई करवाई गई और बाद में सहानुभूति दिखाने की कोशिश की जा रही है।
प्रेस वार्ता के दौरान रंजन सिंह ने स्थानीय विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री Champai Soren के खिलाफ कथित अभद्र टिप्पणियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि चंपई सोरेन राज्य और कोल्हान क्षेत्र के वरिष्ठ एवं सम्मानित नेता हैं और उनके प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग उचित नहीं है।
उन्होंने दावा किया कि वार्ड-17 और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास में चंपई सोरेन के मुख्यमंत्री कार्यकाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। रंजन सिंह ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मर्यादित भाषा का प्रयोग करना चाहिए और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद व्यक्तिगत टिप्पणी से बचना चाहिए।
हालांकि, इस मामले में वार्ड-17 की पार्षद नीतू शर्मा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में लगाए गए आरोपों पर उनका पक्ष आना बाकी है।








