जंगली हाथियों का उत्पात जारी, मनोहरपुर–आनंदपुर में दहशत का माहौल

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Chaibasa  : मनोहरपुर और आनंदपुर प्रखंड क्षेत्रों में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। सारंडा और पोड़ाहाट जंगल से सटे वनग्राम इलाकों में हाथियों की लगातार आवाजाही और हमलों से ग्रामीणों में भय व्याप्त है। अब तक दो ग्रामीणों की मौत और कई कच्चे मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाओं के बावजूद स्थिति पर काबू नहीं पाया जा सका है, जिससे वन विभाग की चुनौतियां भी बढ़ गई हैं।

बीते दिनों मनोहरपुर प्रखंड के सुदूरवर्ती गेंडुग गांव में एक दंतैल हाथी ने लक्ष्मण बीरगम को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। इसी तरह समठा गांव में चंदन जोजो की भी जंगली हाथियों के हमले में जान चली गई। दो ग्रामीणों की मौत के अगले ही दिन उसी दंतैल हाथी ने मृतक लक्ष्मण बीरगम के घर को भी निशाना बनाया, जिससे घर और उसमें रखा सारा सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। भीषण ठंड के बीच पीड़ित परिवार को दूसरे के घर शरण लेने को मजबूर होना पड़ा।

हाथियों का उत्पात यहीं नहीं रुका। बांधटोली गांव में दंतैल हाथी ने श्रीधर नायक के घर को नुकसान पहुंचाया और घरेलू सामान व खाने-पीने की सामग्री को नष्ट कर दिया। डिबुली गांव में अमरसिंह कमल के घर को तोड़ा गया, जबकि समठा गांव में हाथियों के झुंड ने कई घरों में जमकर तोड़फोड़ की, जिससे ग्रामीणों को भारी क्षति उठानी पड़ी।

इसी क्रम में बीती रात आनंदपुर प्रखंड के पोड़ाहाट जंगल से सटे बागचट्टा गांव में जयंत जोजोवार और सिकंदर सुंडी के घरों को जंगली हाथियों ने नुकसान पहुंचाया। वहीं गुड़गांव में लक्ष्मण खलखो के घर पर भी हाथियों ने हमला कर भारी क्षति पहुंचाई। अचानक हुए इन हमलों के दौरान घर के लोग किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहे।

लगातार हो रही इन घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और वे रातजग्गा करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से जंगली हाथियों से जान-माल की सुरक्षा के लिए ठोस और त्वरित कार्रवाई की मांग की है, ताकि क्षेत्र में बढ़ते खतरे पर प्रभावी रूप से नियंत्रण किया जा सके।

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