Adityapur : आदित्यपुर कॉलोनी के वरिष्ठ कवि, समाजसेवी एवं वार्ड संख्या-32 के सम्मानित नागरिक बैकुंठ चौधरी का सोमवार को 84 वर्ष की आयु में टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर में निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही आदित्यपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
बैकुंठ चौधरी अपने सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों के लिए जाने जाते थे। वे सामाजिक, सांस्कृतिक और समसामयिक विषयों पर अपनी प्रभावशाली कविताओं के माध्यम से लोगों को जागरूक करते थे। समाज के हर वर्ग से उनका आत्मीय जुड़ाव था और वे सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे।
मूल रूप से बिहार के भागलपुर जिले के तिलकपुर निवासी बैकुंठ चौधरी ने वर्षों तक आदित्यपुर को अपनी कर्मभूमि बनाया। साहित्य, समाजसेवा और अपने व्यवहार के कारण उन्होंने क्षेत्र के लोगों के बीच विशेष पहचान बनाई। अपने पीछे वे दो पुत्र, दो पुत्रियों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं।
उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्वती घाट पर वार्ड संख्या-32 सहित आदित्यपुर कॉलोनी के बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यप्रेमी एवं स्थानीय लोग पहुंचे। सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सामाजिक योगदान और साहित्यिक विरासत को याद किया। आदित्यपुर के वृद्ध शांति निकेतन से भी कई बुजुर्ग उन्हें अंतिम विदाई देने पहुंचे।
बैकुंठ चौधरी का निधन आदित्यपुर के सामाजिक और साहित्यिक जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके सादगीपूर्ण जीवन, समाजसेवा और रचनात्मक योगदान को क्षेत्रवासी लंबे समय तक याद रखेंगे।















