घाटशिला-बहरागोड़ा क्षेत्र में AIIMS की स्थापना की मांग संसद में गूंजी, सांसद विद्युत वरण महतो ने उठाई आवाज

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नई दिल्ली / घाटशिला। जमशेदपुर के सांसद श्री विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण जनस्वास्थ्य मुद्दे को उठाते हुए झारखंड के घाटशिला और बहरागोड़ा क्षेत्र के बीच AIIMS (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) की स्थापना की मांग की। उन्होंने यह मांग केंद्र सरकार से की, जिससे पूर्वी झारखंड समेत ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के लाखों लोगों को अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

झारखंड-ओडिशा-बंगाल की सीमा पर स्वास्थ्य संकट

सांसद विद्युत वरण महतो ने सदन में कहा कि जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में स्थित है, जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की बेहद कमी है। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आदिवासी, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग के लोग निवास करते हैं जिनकी आर्थिक स्थिति अत्यंत कमजोर है और जिन्हें गंभीर बीमारियों की हालत में बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी कई सौ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है।उन्होंने जानकारी दी कि झारखंड में वर्तमान में देवघर में एकमात्र AIIMS है, लेकिन वह जमशेदपुर से लगभग 400 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, जिससे यहां के नागरिकों को वहाँ तक पहुंचने में अत्यधिक समय, धन और मानसिकशारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।

घाटशिला-बहरागोड़ा को बताया उपयुक्त स्थान

सांसद महतो ने अपने प्रस्ताव में कहा कि घाटशिला और बहरागोड़ा के बीच क्षेत्र भौगोलिक दृष्टि से उपयुक्त है, जहाँ एक AIIMS की स्थापना से तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों के करोड़ों लोगों को राहत मिलेगी। इस अस्पताल से न केवल झारखंड, बल्कि मयूरभंज, बालासोर (ओडिशा), और पश्चिमी मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) के नागरिकों को भी लाभ मिलेगा।उन्होंने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में यदि एम्स की स्थापना होती है, तो यह आदिवासी, दलित और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए जीवनदायिनी कदम साबित होगा। इससे न केवल गंभीर बीमारियों का इलाज संभव हो सकेगा बल्कि क्षेत्रीय स्वास्थ्य प्रणाली भी मजबूत होगी।

स्वास्थ्य अधिकारों की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल

विद्युत वरण महतो ने माननीय स्वास्थ्य मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि वे इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करें और इस महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी परियोजना को हरी झंडी दें। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि यदि सरकार इस दिशा में कोई कदम उठाती है तो वे और क्षेत्र की जनता इसके लिए हरसंभव सहयोग करेंगे।

क्षेत्रीय विकास और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मील का पत्थर

AIIMS की स्थापना केवल स्वास्थ्य सुविधा तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, मेडिकल एजुकेशन, और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्रों में भी व्यापक सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

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