मार्डुंग-राजागुंडु माइंस परियोजना का विरोध तेज, ग्रामीणों ने उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन

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Guwa : गुवा क्षेत्र के मार्डुंग एवं राजागुंडु माइंस इलाके में प्रस्तावित नई खनन परियोजना को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया है। मानकी-मुंडा एवं रैयत श्रमिक संघ के बैनर तले ग्रामीणों ने इस परियोजना के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, पश्चिमी सिंहभूम को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि Steel Authority of India Limited (SAIL) द्वारा प्रस्तावित इस खनन परियोजना में स्थानीय लोगों की सहमति नहीं ली गई है और आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन भी नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पंचायत और ग्रामसभा की अनुमति के बिना परियोजना को आगे बढ़ाना पेसा कानून 1996 का सीधा उल्लंघन है।

ग्रामीणों ने अपनी मांगों में स्पष्ट किया कि परियोजना से प्रभावित गांवों के लिए एक ठोस और पारदर्शी पुनर्वास नीति तैयार की जाए। इसके साथ ही राज्य सरकार की 75 प्रतिशत स्थानीय नियोजन नीति को अनिवार्य रूप से लागू करने की भी मांग की गई। उन्होंने यह भी कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों के विकास कार्यों में किया जाए।

संगठन ने पर्यावरणीय चिंताओं को भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि खनन गतिविधियों से निकलने वाले प्रदूषित जल, धूल और पत्थरों के कारण इलाके का पर्यावरण लगातार प्रभावित हो रहा है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ कृषि कार्यों में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र और गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो वे व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस पूरे मामले ने क्षेत्र में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन को लेकर एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

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