Chaibasa : मनोहरपुर थाना क्षेत्र के कमारबेड़ा गांव में गौवंशीय पशु की हत्या कर उसका मांस खाने और बेचने के आरोप में ग्रामीणों ने चार युवकों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार बुधवार को गांव के समीप कोयना नदी में ग्रामीणों ने एक गौवंशीय पशु का कटा सिर, पैर, खाल और अन्य अवशेष तैरते हुए देखा। सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसी दौरान गांव निवासी बिना देवी ने अवशेषों की पहचान अपनी गाय के रूप में की, जो मंगलवार से लापता थी।
बिना देवी ने बताया कि गाय रोज की तरह चरने के लिए निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चल पाया था। नदी में अवशेष मिलने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। बाद में ग्रामीणों ने पशु के बचे हिस्सों को दफना दिया।
गुरुवार सुबह पंचायत मुखिया हल्यानी जाते की मौजूदगी में ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक के दौरान पूछताछ में गांव के रामे चम्पीया पर शक गहराया। ग्रामीणों के अनुसार पूछताछ में उसने अपने साथियों शिबो जोजो, विजय पूर्ति और अजय चम्पीया के साथ मिलकर गाय काटने की बात स्वीकार की। आरोप है कि चारों ने मांस अपने घर ले जाकर खाया और कुछ लोगों को बेचने का प्रयास भी किया।
इसके बाद ग्रामीणों ने चारों आरोपियों को पकड़कर मनोहरपुर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने पशु मालिक बिना देवी की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है।
मामले के अनुसंधान पदाधिकारी जयदीप लकड़ा ने कहा कि घटना गंभीर है और सभी आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों को जेल भेजा जाएगा।
घटना को लेकर हिन्दू जागरण मंच ने भी नाराजगी जताई है। मंच के सह संयोजक प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इस घटना से लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं महिला मोर्चा की संयोजक सीमा मुंडारी ने कहा कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकती हैं और प्रशासन को भविष्य में रोकथाम के लिए कठोर कदम उठाने चाहिए।











