Manoharpur : सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मनोहरपुर और इसके अंतर्गत संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। आनंदपुर, छोटानागरा और जराईकेला स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से सारंडा के सुदूरवर्ती एवं दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों के लिए सरकारी एंबुलेंस सेवा की कमी गंभीर समस्या बनी हुई है।
स्वास्थ्य व्यवस्था में व्याप्त कमियों को लेकर भाजपा नेत्री सुशीला टोप्पो और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उन्होंने स्थानीय सांसद, विधायक और जिला प्रशासन से स्वास्थ्य केंद्रों की समस्याओं पर ध्यान देने तथा आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
अल्ट्रासाउंड मशीन स्थानांतरित, मरीजों को हो रही परेशानी
सुशीला टोप्पो एवं स्थानीय लोगों के अनुसार, मनोहरपुर सीएचसी की एंबुलेंस व्यवस्था बेहद खराब स्थिति में है। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। बताया गया कि करीब तीन वर्ष पूर्व सीएचसी को अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं होने के कारण हाल ही में मशीन को सदर अस्पताल चाईबासा स्थानांतरित कर दिया गया। इससे स्थानीय मरीजों को अल्ट्रासाउंड जांच के लिए दूसरे स्थानों पर जाना पड़ रहा है।
इसके अलावा प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और संचालन के लिए सरकारी वाहन की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। उन्हें सारंडा सहित मनोहरपुर सीएचसी के अंतर्गत आने वाले आनंदपुर, छोटानागरा, जराईकेला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और 27 अन्य उप स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।
30 से 40 बेड की क्षमता, लेकिन जांच सुविधाओं की कमी
सीएचसी मनोहरपुर में 30 से 40 बेड की व्यवस्था होने के बावजूद कई जरूरी जांच सुविधाओं का अभाव बताया जा रहा है। टीबी, डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों की जांच के लिए पर्याप्त लैब स्टाफ की आवश्यकता जताई गई है। इसके लिए पैथोलॉजिस्ट, लैब टेक्नीशियन और पीएलटी कर्मियों की समुचित व्यवस्था करने की मांग की गई है।
वहीं, आनंदपुर, छोटानागरा और जराईकेला के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सक उपलब्ध होने के बावजूद एंबुलेंस और अन्य आवश्यक संसाधनों की कमी बनी हुई है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से मरीज रेफर करने की मजबूरी
स्थानीय लोगों ने बताया कि सीएचसी में सर्जन, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ और शिशु रोग विशेषज्ञ की कमी है। इसके कारण प्रसव एवं ऑपरेशन से जुड़े मामलों में मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करना पड़ता है। अस्पताल में ब्लड स्टोरेज की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है।
क्षेत्र में मोतियाबिंद और अन्य नेत्र रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या को देखते हुए अस्पताल में नेत्र ऑपरेशन थियेटर (आई ओटी) स्थापित करने की आवश्यकता भी जताई गई है।
104 और 108 एंबुलेंस सेवा प्रभावित होने का आरोप
स्थानीय लोगों के अनुसार, 104 और 108 एंबुलेंस सेवाएं भी प्रभावित हैं। एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने और जरूरत पड़ने पर दूसरे अस्पतालों में रेफर करने में काफी कठिनाइयां होती हैं। इसका सबसे अधिक असर दुर्गम और दूरदराज के गांवों में रहने वाले मरीजों पर पड़ता है।
भाजपा नेत्री सुशीला टोप्पो एवं स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मनोहरपुर सीएचसी सहित सभी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों की समस्याओं पर गंभीरता से संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने आवश्यक संसाधन, विशेषज्ञ चिकित्सक, जांच सुविधाएं और सुचारु एंबुलेंस सेवा उपलब्ध कराने की अपील की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
















