हरिनाम संकीर्तन से आत्मा पवित्र और वातावरण शुद्ध होता है: महाबीर मुर्मू

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Jamshedpur: हितकु में आयोजित 42वें वार्षिक 24 प्रहर हरिनाम संकीर्तन में रविवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता महाबीर मुर्मू शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर राज्यवासियों के सुख, समृद्धि और शांति की कामना की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाबीर मुर्मू ने कहा कि हरिनाम संकीर्तन से न केवल आत्मा पवित्र होती है, बल्कि आसपास का वातावरण भी शुद्ध हो जाता है। उन्होंने बताया कि 16वीं सदी में चैतन्य महाप्रभु ने कीर्तन को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया, जिसके बाद यह भक्ति का एक सशक्त माध्यम बन गया।

उन्होंने कहा कि ईश्वर के नाम, गुण और लीलाओं का सामूहिक गायन मन को शांति और एकाग्रता प्रदान करता है। “हरे कृष्ण, हरे कृष्ण” का निरंतर जाप करने से नकारात्मक विचार कम होते हैं और मानसिक शुद्धि होती है। उन्होंने कीर्तन को केवल संगीत नहीं, बल्कि कलियुग का यज्ञ बताया और कहा कि इस युग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा धर्म है।

इस अवसर पर फकीर दास, नंदलाल दास, समीर दास, संजय दास, गोसाईं दास, अजीत कुमार दास, दुर्गा प्रसाद हांसदा, मनोज तांती, करन कालिंदी, समल दास, साधन दास, रंजीत दास सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे।

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