Jamshedpur:कोल्हान विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्यों की हालिया घोषणा के बाद क्षेत्रीय संतुलन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विश्वविद्यालय के अधीन आने वाली विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायकों को सीनेट सदस्य के रूप में शामिल किया गया है, लेकिन जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा के निर्वाचित विधायक का नाम सूची से नदारद है। इसे लेकर शिक्षाविदों, छात्र संगठनों और राजनीतिक हलकों में नाराजगी देखी जा रही है।
अनुभवी जानकारों का कहना है कि कोल्हान विश्वविद्यालय की सीनेट केवल एक प्रशासनिक निकाय नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान प्रमंडल की शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय आकांक्षाओं का प्रतिनिधि मंच है। ऐसे में किसी महत्वपूर्ण और प्रभावशाली विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा करना विश्वविद्यालय की समावेशी परंपरा के विपरीत है।
इस मुद्दे पर ओबीसी मोर्चा जमशेदपुर महानगर के जिला अध्यक्ष एवं पूर्व विश्वविद्यालय प्रतिनिधि सागर राय ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। उन्होंने कहा कि जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा जैसे अहम क्षेत्र के विधायक को सीनेट गठन से बाहर रखना लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ अन्याय है और इससे क्षेत्र की जनता की भावनाएं आहत हुई हैं।
सागर राय ने संबंधित प्राधिकरण से मांग की है कि सीनेट गठन में तत्काल सुधार करते हुए क्षेत्रीय संतुलन और समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोल्हान विश्वविद्यालय किसी एक क्षेत्र का नहीं, बल्कि पूरे कोल्हान की साझा शैक्षणिक धरोहर है और इसके हर निर्णय में न्याय व समावेशिता अनिवार्य है।
फिलहाल इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय परिसर से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा तेज हो गई है और आने वाले दिनों में आंदोलनात्मक रुख अपनाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है।









