Rajnagar : सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि पर आश्रित बुजुर्गों और दिव्यांगों के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। राजनगर प्रखंड के कोलाबड़िया गांव के कई लाभुकों का आरोप है कि उन्हें पिछले आठ महीनों से पेंशन राशि नहीं मिली, जिसके कारण दैनिक जीवन की आवश्यक जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि पेंशन उनके लिए केवल सरकारी सहायता नहीं, बल्कि बुढ़ापे और दिव्यांगता में जीवनयापन का मुख्य सहारा है। इसी राशि से वे दवा, इलाज, राशन और अन्य आवश्यक खर्चों का प्रबंध करते हैं। लगातार कई महीनों से भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लाभुकों ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उनका कहना है कि बार-बार कार्यालयों का चक्कर लगाने के बावजूद लंबित पेंशन का भुगतान नहीं हो सका है।
ग्रामीणों ने कहा कि राज्य सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक लाभ पहुंचाने का दावा करती है, लेकिन सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी महत्वपूर्ण योजना का लाभ समय पर नहीं मिलने से बुजुर्गों और दिव्यांगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
कोलाबड़िया गांव के बुजुर्गों और दिव्यांगों ने मीडिया के माध्यम से राज्य सरकार, समाज कल्याण विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि लंबित पेंशन राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि समय पर पेंशन मिलने से ही वे सम्मानपूर्वक अपना जीवनयापन कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्या पर संबंधित अधिकारी गंभीरता से ध्यान देंगे और जल्द ही लंबित पेंशन का भुगतान कर राहत प्रदान करेंगे।

















