Seraikela:चैत्र नवरात्रि के आठवें दिन Chaitra Navratri की महाष्टमी पर खीरी और टेटोपोसी क्षेत्र पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। मां बासंती की पूजा पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुई। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां भक्तों ने मां के दर्शन कर पुष्पांजलि अर्पित की।
पूजा समितियों द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ महाष्टमी के अनुष्ठान संपन्न कराए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और ढाक की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो उठा। इस अवसर पर संधि पूजा विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जो अष्टमी और नवमी के संधिकाल में की जाती है। इस दौरान मां को 108 कमल के फूल एवं दीप अर्पित किए गए।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बासंती पूजा को मां Durga की मूल आराधना माना जाता है। क्षेत्र के कई घरों में कन्या पूजन का आयोजन किया गया, जहां नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनकी पूजा-अर्चना कर भोजन कराया गया।
पूजा उपरांत श्रद्धालुओं के बीच विशेष भोग का वितरण किया गया। खीरी और टेटोपोसी के लोगों ने एकजुट होकर शांति, सुख-समृद्धि की कामना के साथ इस पावन पर्व को मनाया।
शाम को आयोजित विशेष आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे आयोजन की रौनक को और बढ़ा दिया, जिससे क्षेत्र का वातावरण देर रात तक भक्तिमय बना रहा।









