Jamshedpur : जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र के शिवघाट रोड स्थित 1.83 एकड़ सरकारी जमीन पर कथित रूप से दोबारा अतिक्रमण कर चहारदीवारी का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है। जुगसलाई नगर परिषद की अध्यक्ष नौशीन खान ने इस पर गंभीर चिंता जताते हुए पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्माण कार्य रोकने और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस संबंध में नौशीन खान ने 15 अक्टूबर को उपायुक्त को स्मार पत्र भेजा है। पत्र में कहा गया है कि उक्त सरकारी जमीन को पूर्व में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त कराया था। इसके बावजूद कथित तौर पर दोबारा जमीन पर कब्जा कर चहारदीवारी का निर्माण कराया जा रहा है। साथ ही जमीन को समतल करने और मिट्टी भरने का काम भी किए जाने की बात कही गई है।
कचरा निष्पादन के लिए जमीन की कमी, सड़क पर फैल रही गंदगी
नगर परिषद अध्यक्ष ने पत्र में उल्लेख किया है कि जुगसलाई नगर परिषद क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट के निष्पादन के लिए पर्याप्त सरकारी जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में शिवघाट रोड की उक्त जमीन पर दोबारा अतिक्रमण होने से नगर परिषद के सामने कचरा निष्पादन की समस्या और गंभीर हो सकती है।
झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्ला खान ने भी इस मामले पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण के संबंध में कई बार लिखित शिकायत की जा चुकी है। उनके अनुसार, सरकारी जमीन उपलब्ध होने के बावजूद शिवघाट रोड पर कचरा डंप किया जा रहा है, जिससे सड़क पर गंदगी का अंबार लग रहा है।
उन्होंने कहा कि सड़क पर फैली गंदगी से प्रदूषण की आशंका बढ़ रही है और राहगीरों के साथ-साथ वहां से गुजरने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
25 सितंबर को भी प्रशासन को दी गई थी सूचना
हिदायतुल्ला खान के अनुसार, नौशीन खान ने 25 सितंबर को भी पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन को इस मामले से अवगत कराया था। इसके बावजूद जमीन पर दोबारा निर्माण कार्य जारी रहने की बात सामने आई है।
नगर परिषद अध्यक्ष नौशीन खान ने उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने, चहारदीवारी निर्माण पर तत्काल रोक लगाने और सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
इस पत्र की प्रतिलिपि धालभूम के अनुमंडल पदाधिकारी, जमशेदपुर अंचल अधिकारी और जुगसलाई नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी को भी भेजी गई है। अब मामले में जिला प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

















