जमशेदपुर में ट्रैफिक जाम से बेहाल जनजीवन, महिला न्याय व्यवस्था पर भी उठे सवाल

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Jamshedpur : लौहनगरी जमशेदपुर में एक ओर जहां ट्रैफिक जाम की समस्या लगातार विकराल होती जा रही है, वहीं दूसरी ओर महिलाओं को न्याय दिलाने की प्रक्रिया में आ रही बाधाएं भी चिंता का विषय बनती जा रही हैं। इन दोनों अहम मुद्दों को लेकर समाजसेवी सह झारखंड के उप निदेशक (महिला कोषांग सशक्तिकरण), एनसीसी एवं एचडब्ल्यूओ रानी गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों से मुलाकात कर गंभीर सवाल उठाए।

सोमवार को रानी गुप्ता ने ट्रैफिक डीएसपी नीरज कुमार से शिष्टाचार मुलाकात कर शहर की जमीनी हकीकत से अवगत कराया। उन्होंने खासतौर पर मानगो पुल और गोलचक्कर क्षेत्र की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि यहां रोजाना भीषण जाम लगना आम बात हो गई है। दोपहर के समय, जब स्कूलों की छुट्टी होती है, स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कड़ी धूप में छोटे-छोटे बच्चे और उनके अभिभावक घंटों जाम में फंसे रहते हैं, जिससे न सिर्फ परेशानी बढ़ती है बल्कि सड़क दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है।

उन्होंने यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए ठोस और स्थायी उपाय करने की मांग की। साथ ही, शहर की विधि-व्यवस्था से जुड़े अन्य पहलुओं पर भी विस्तार से चर्चा करते हुए शीघ्र कार्रवाई की आवश्यकता जताई।

इधर, महिला सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को लेकर भी रानी गुप्ता ने चिंता व्यक्त की। सृष्टि महिला विकास सहयोग समिति लिमिटेड की संरक्षक के रूप में उन्होंने महिला थाना प्रभारी से मुलाकात कर बताया कि कई मामलों में महिलाओं को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने एक ताजा मामले का हवाला देते हुए बताया कि एक महिला द्वारा थाना में शिकायत दर्ज कराने के बाद मामला डालसा भेजा गया, लेकिन सुनवाई के दौरान आरोपी पति के अनुपस्थित रहने के कारण प्रक्रिया बाधित हो गई और मामला फिर थाना लौट आया। नतीजतन पीड़िता को अब तक न्याय नहीं मिल सका है।

इस पर महिला थाना प्रभारी ने भरोसा दिलाया कि आरोपी को जल्द बुलाकर मामले के समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

शहर में बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था और न्यायिक प्रक्रियाओं की सुस्ती को लेकर उठे ये सवाल प्रशासन के लिए एक गंभीर संकेत हैं। अब देखने वाली बात होगी कि संबंधित विभाग इन समस्याओं के समाधान के लिए कितनी तत्परता दिखाते हैं।

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