जमशेदपुर के वरिष्ठ तबला वादक प्रदीप शील का निधन, सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर

SHARE:

Jamshedpur:शहर के वरिष्ठ तबला वादक प्रदीप शील का बुधवार रात दिल की धड़कन रुक जाने से निधन हो गया। उनके निधन से जमशेदपुर के सांस्कृतिक और संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

झारखंड कौमी एकता मंच एवं मुक्त मंच ने उनके इंतकाल पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे संगीत जगत की अपूरणीय क्षति बताया है।

गुरुवार को उनकी अंतिम यात्रा में गायक सुब्रतो विश्वास, ज्योतिर्मय रक्षित, नीरज नाग, विकास नाग और गौतम कुमार बोस सहित कई कलाकारों और संस्था के सदस्यों ने शामिल होकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

करीब 80 वर्ष की आयु में भी प्रदीप शील अपने संगीत और साधना के प्रति पूरी तरह समर्पित रहे। वे न केवल एक कुशल तबला वादक थे, बल्कि एक विनम्र और नेकदिल इंसान के रूप में भी जाने जाते थे। उनके शिष्यों के बीच उनकी विशेष लोकप्रियता थी और उन्होंने दशकों तक शहर के सांस्कृतिक जीवन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

मुक्त मंच ने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि इतने बड़े और अनुभवी कलाकार की अंतिम यात्रा में महज 23 लोगों की उपस्थिति शहर के सांस्कृतिक परिवेश पर सवाल खड़े करती है। संस्था ने यह भी अफसोस जताया कि जिन सांस्कृतिक संस्थानों से वे दशकों तक जुड़े रहे, वहां से कोई प्रतिनिधि अंतिम यात्रा में शामिल नहीं हुआ।

संस्था के प्रतिनिधियों ने पार्वती घाट पहुंचकर उनकी पुत्री नवमिता शील चौधरी से मुलाकात की और परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

सांस्कृतिक जगत का मानना है कि प्रदीप शील भले ही अब इस दुनिया में नहीं रहे, लेकिन उनके शिष्यों और उनकी दी गई ताल-लय की शिक्षा के माध्यम से वे हमेशा जीवित रहेंगे।

Leave a Comment

और पढ़ें