Jamshedpur : आंबेडकर जयंती के अवसर पर पश्चिम बंगाल में कथित SIR प्रक्रिया के माध्यम से लाखों मतदाताओं को मताधिकार से वंचित किए जाने के विरोध में मंगलवार को एक शांतिपूर्ण पदयात्रा एवं हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत साकची स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, आम बागान मैदान से हुई, जो साकची पुराना कोर्ट होते हुए भारत रत्न भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तक पहुंची। यहां प्रतिभागियों ने माल्यार्पण कर संविधान के मूल्यों—न्याय, समानता और गरिमा—की रक्षा का संकल्प लिया।
वक्ताओं ने कहा कि SIR प्रक्रिया के नाम पर बड़ी संख्या में आम नागरिकों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की शिकायतें अत्यंत गंभीर हैं। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए उन्होंने मांग की कि इस प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और संविधानसम्मत बनाया जाए।

इसके उपरांत, देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक स्मार-पत्र पर व्यापक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बुद्धिजीवियों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और मताधिकार की रक्षा के लिए एकजुटता दिखाई।
इस अभियान में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों से जुड़े कई प्रमुख लोग शामिल हुए। प्रमुख हस्ताक्षरकर्ताओं में सरदार परविंदर सिंह, शहवाज अहमद, विजय यादव, रामचंद्र सहीस, बिंदे सोरेन, प्रीतम हेंब्रन, खुद्दू उरांव, प्रो. असलम मलिक, रियाज शरीफ, राकेश उरांव, कुलविंदर सिंह सहित कई गणमान्य नागरिक शामिल रहे।

कार्यक्रम के समर्थन में No NRC मूवमेंट, APDR कोलकाता, ईसीएल कोलियरी श्रमिक यूनियन पश्चिम बंगाल सहित विभिन्न संगठनों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
अभियान को सफल बनाने में डेमका सोय, संदीपन दासगुप्ता, देवाशीष मुखर्जी, गौरव राय चौधरी, अर्पिता (ईपटा), कनीज फातिमा, नासिर खान, अनिमा बोस, राज कुमार सिंह, हाराधन प्रमाणिक सहित कई कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने स्पष्ट किया कि सर्वजन मताधिकार भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला है और इसे किसी भी परिस्थिति में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे पर व्यापक जनआंदोलन भी चलाया जाएगा।











