Guaa : किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण और बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय विद्यालय संगठन, रांची संभाग के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय मेघाहातुबुरु में मासिक धर्म, पोषण, स्वच्छता और एनीमिया को लेकर स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार के निर्देशानुसार तथा कॉर्डिनेटर श्रीमती अवंत्रिका की देखरेख में महिला शिक्षिकाओं के सहयोग से छात्राओं को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारी दी जा रही है।
अभियान की शुरुआत अगस्त माह से की गई। कक्षा चार से ऊपर की छात्राओं को उनकी उम्र और आवश्यकता के अनुसार मासिक धर्म से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य मासिक धर्म को लेकर छात्राओं में मौजूद झिझक और गलत धारणाओं को दूर कर उन्हें स्वस्थ एवं जागरूक बनाना है।
मासिक धर्म के लिए पोषण पर विशेष जोर
सितंबर माह में अभियान का विषय ‘मासिक धर्म के लिए पोषण’ रखा गया है। कक्षा छह से 12वीं तक की छात्राओं को एनीमिया यानी खून की कमी से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।
छात्राओं को भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, दाल, चना, राजमा, तिल, गुड़, सूखे मेवे, अंडा और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके साथ ही विटामिन-सी युक्त खाद्य पदार्थों के महत्व की जानकारी भी दी जा रही है।
मासिक धर्म स्वच्छता की दी जा रही जानकारी
अभियान के तहत छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखने, सैनिटरी पैड का उचित इस्तेमाल, समय पर पैड बदलने, हाथों की सफाई तथा इस्तेमाल किए गए पैड के सुरक्षित निस्तारण के बारे में भी जागरूक किया जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन ने छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सैनिटरी पैड की व्यवस्था भी की है।
स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को नजरअंदाज न करने की सलाह
छात्राओं को अत्यधिक दर्द, कमजोरी, चक्कर या मासिक धर्म से जुड़ी अन्य असामान्य परेशानी होने पर उसे नजरअंदाज नहीं करने की सलाह दी जा रही है। जरूरत पड़ने पर अभिभावकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए भी उन्हें जागरूक किया जा रहा है।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, प्रत्येक माह के लिए निर्धारित विशेष जागरूकता कैलेंडर के माध्यम से अभियान को निरंतर जारी रखा गया है। इस पहल का उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म, पोषण, स्वच्छता और एनीमिया के प्रति वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी देकर अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक बनाना है।

















