सितंबर 1980 गुवा गोलीकांड में घायल हुए दूरगोडाय सिरका का आकस्मिक निधन

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Chaibasha : सितंबर 1980 में गुवा में हुए ऐतिहासिक गोलीकांड के घायल साक्षी दूरगोडाय सिरका का बीमारी के कारण निधन हो गया। गुवा थाना क्षेत्र के बुरुराइका गांव निवासी सिरका उस घटना में गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिसमें 11 आदिवासी शहीद हो गए थे।

परिजनों के अनुसार, 8 सितंबर 1980 को हुए गोलीकांड के दौरान सिरका के होंठ के ऊपर गोली लगी थी, जो गाल को चीरते हुए निकल गई थी। गंभीर चोट के बाद वह एक महीने तक न ठोस आहार ले सके और न पानी पी पाए। उनके परिजनों का कहना है कि इतना सब झेलकर एक महीना जीवित रहना किसी चमत्कार से कम नहीं था।

गांव के फॉरेस्ट विभाग के एक क्षतिग्रस्त घर में रहकर सिरका ने अपना जीवन काटा। आर्थिक स्थिति अत्यंत दयनीय होने के कारण वे सारंडा जंगल से दातुन और पत्ता बेचकर जीवनयापन कर रहे थे। हर वर्ष गुवा गोलीकांड की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर वे सम्मान की आशा रखते थे, लेकिन उन्हें कभी वह मान-सम्मान नहीं मिला, जिसका वे हकदार थे।

सिरका के निधन पर पूर्व सांसद गीता कोड़ा और पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। दोनों नेताओं ने कहा कि गुवा गोलीकांड के इस “अप्रसिद्ध लेकिन साहसी क्रांतिकारी” का निधन आदिवासी समाज के लिए अत्यंत दुखद है।

उन्होंने पश्चिम सिंहभूम के उपायुक्त चंदन कुमार से मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है, ताकि परिवार को कठिन परिस्थितियों में राहत मिल सके।

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