गुवा में श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया जीवित्पुत्रिका जितिया व्रत, महिलाओं ने की संतान की दीर्घायु की कामना

Share करें

✓ Link copy हो गया!

Guaa : गुवा और आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को जीवित्पुत्रिका जितिया व्रत श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने सामूहिक रूप से विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और अपनी संतान की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

गुवा के न्यू कॉलोनी में पंडित लक्ष्मण उपाध्याय की अध्यक्षता में महिलाओं ने सामूहिक रूप से जितिया व्रत की पूजा की। व्रती महिलाओं ने भगवान जीमूतवाहन की विधिवत पूजा-अर्चना कर संतान की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। पूजा के दौरान पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा।

पूजा करा रहे पंडित लक्ष्मण उपाध्याय ने बताया कि सनातन परंपरा में जीवित्पुत्रिका व्रत का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस व्रत के माध्यम से माताएं अपनी संतान की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी जीवन की कामना करती हैं। व्रती महिलाएं संतान की खुशहाली और परिवार की समृद्धि के लिए करीब 24 घंटे तक निर्जला उपवास रखती हैं।

उन्होंने बताया कि व्रत के दौरान महिलाएं स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं और भगवान जीमूतवाहन की पूजा करती हैं। कुशा से निर्मित जीमूतवाहन की प्रतिमा पर धूप-दीप, चावल और पुष्प आदि अर्पित किए जाते हैं। विधि-विधान से पूजा के बाद व्रती महिलाएं संतान की सुख-समृद्धि और उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।

पंडित उपाध्याय के अनुसार जीवित्पुत्रिका व्रत पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में विशेष रूप से श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। गुवा में भी इस अवसर पर महिलाओं में विशेष उत्साह देखा गया।

Leave a Comment

The specified slider id does not exist.

और पढ़ें