Jamshedpur : ईएसआईसी गोलमुरी के पूर्व शाखा प्रबंधक सचित कुमार और ईएसआईसी जमशेदपुर के पूर्व सामाजिक सुरक्षा अधिकारी रवि शंकर के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों के मामले में अब आयकर विभाग से भी जांच की मांग की गई है। याचिकाकर्ता ने बिहार एवं झारखंड क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त के समक्ष याचिका देकर दोनों पूर्व अधिकारियों की आय, संपत्ति, निवेश, बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और आय के स्रोतों की स्वतंत्र एवं गोपनीय जांच कराने का अनुरोध किया है।
याचिका में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों के संबंध में ईएसआईसी स्तर पर सतर्कता जांच पहले से चल रही है। साथ ही संबंधित शिकायतों को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तथा अन्य संबंधित सतर्कता एवं निगरानी विभागों के संज्ञान में भी लाए जाने का दावा किया गया है।
याचिकाकर्ता ने अपनी शिकायत में अघोषित आय, आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन से संबंधित सूचनाओं का उल्लेख किया है। इसके अलावा करीब एक वर्ष की अवधि में 25 लाख रुपये से अधिक की कथित अवैध वसूली से जुड़ी जानकारी का भी हवाला देते हुए सक्षम एजेंसियों से स्वतंत्र सत्यापन की मांग की गई है।
याचिका में स्पष्ट किया गया है कि इसमें दर्ज आरोप और सूचनाएं जांच का विषय हैं तथा इन्हें संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जाना चाहिए। याचिकाकर्ता ने सक्षम वैधानिक एजेंसियों से वित्तीय अभिलेखों और उपलब्ध तथ्यों का स्वतंत्र रूप से सत्यापन करने का आग्रह किया है।
मुख्य मांग के तहत दोनों पूर्व अधिकारियों की आयकर विवरणियों, चल-अचल संपत्तियों, निवेश, बैंकिंग लेन-देन और आय के स्रोतों का विधि-सम्मत परीक्षण कराने की अपील की गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि जांच के माध्यम से तथ्यों की पुष्टि होने पर ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाना चाहिए और यदि कोई वित्तीय अनियमितता प्रमाणित होती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस स्तर पर नहीं हुई है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना उचित होगा।
















