Jamshedpur: सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार पूर्वी सिंहभूम जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पटमदा में बुधवार को कुष्ठ रोग खोज अभियान के तहत एक दिवसीय नि:शुल्क चर्म रोग जांच शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में संदिग्ध मरीजों की जांच कर नए कुष्ठ रोगियों की पहचान की गई तथा उन्हें नि:शुल्क दवा उपलब्ध कराई गई।
जिला कुष्ठ परामर्शी डॉ. राजीव लोचन महतो ने शिविर के दौरान लोगों को कुष्ठ रोग के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि शरीर पर किसी प्रकार का दाग तथा उस हिस्से में सुनापन महसूस होना कुष्ठ रोग का संकेत हो सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और उपचार शुरू करने से कुष्ठ रोग से होने वाली दिव्यांगता को रोका जा सकता है।
उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोग कोई अभिशाप या पिछले जन्म का पाप नहीं, बल्कि बैक्टीरिया से होने वाला एक सामान्य रोग है, जिसका इलाज सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध है। डॉ. महतो ने कुष्ठ रोग के लक्षण, प्रकार, उपचार एवं उससे होने वाली दिव्यांगता के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
एमपीडब्ल्यू जन्मेजय महतो ने सेल्फ केयर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी के माध्यम से कुष्ठ रोग से हुई दिव्यांगता को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। उन्होंने सहियाओं को विभाग द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि की जानकारी भी दी।
शिविर के दौरान सहियाओं द्वारा चिन्हित 27 संदिग्ध मरीजों की जांच की गई, जिनमें से 4 नए कुष्ठ रोगियों की पुष्टि हुई। सभी मरीजों को मौके पर ही नि:शुल्क एमडीटी (मल्टी ड्रग थेरेपी) दवा उपलब्ध कराई गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. शाहबाज अहमद खान, एमपीडब्ल्यू जन्मेजय महतो, लव कुमार महतो एवं संजय चटर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।












