Ranchi : गुजरात की धरती आज एक भयावह विमान हादसे की गवाह बनी, जब एयर इंडिया की अंतरराष्ट्रीय उड़ान AI-171 टेकऑफ के कुछ ही क्षणों बाद क्रैश हो गई। यह हादसा अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के मात्र दो मिनट बाद, शहर के मेघानी नगर क्षेत्र में हुआ।
घटनास्थल से धुएं के ऊंचे गुबार उठते देखे गए, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, विमान ने दोपहर 1:38 बजे उड़ान भरी थी और 1:40 बजे संपर्क टूट गया। हादसे से पहले पायलट की ओर से एयर ट्रैफिक कंट्रोल को ‘MAYDAY’ सिग्नल भेजा गया था, लेकिन इसके तुरंत बाद विमान रडार से गायब हो गया।
इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे — 230 यात्री और 12 क्रू सदस्य। विमान एक Boeing 787-8 Dreamliner था, जिसे 2011 में सेवा में शामिल किया गया था। यह बोइंग 787 श्रृंखला का पहला बड़ा और घातक हादसा बताया जा रहा है।
इस दुर्घटना में सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी इस विमान में सवार थे। आधिकारिक यात्री सूची के अनुसार उनका नाम 12वें नंबर पर दर्ज है और वे सीट नंबर 2D पर बैठे थे। रुपाणी की सवारगी की पुष्टि के साथ ही पूरे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
विजय रुपाणी 2016 से 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहे हैं और वर्तमान में बीजेपी के वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय हैं। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हादसे के बाद उनकी स्थिति क्या है। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है, और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर तैनात हैं।
विमान हादसे के कारणों की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। DGCA (नागर विमानन महानिदेशालय) और एयर इंडिया की तकनीकी टीम इस जांच में शामिल हैं। यह हादसा न सिर्फ तकनीकी सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है, बल्कि इसने देशभर को एक बार फिर हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर सोचने पर मजबूर कर दिया है।











