Factory Act 1948 8 घंटे से ज्यादा काम और  वेतन भुगतान कानून: 7 तारीख तक सैलरी मिलनी चाहिए जानिए आपके अधिकार और नियम

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फैक्ट्री एक्ट 1948: 8 घंटे से ज्यादा काम का क्या नियम है?

अगर आप किसी कंपनी या फैक्ट्री में काम कर रहे हैं, तो आपको यह जानना जरूरी है कि भारतीय कानून के तहत एक दिन में अधिकतम 8 घंटे काम का प्रावधान है।

ओवरटाइम पर क्या कहता है कानून?

फैक्ट्री एक्ट 1948 के अनुसार:

अगर कोई कंपनी 8 घंटे से ज्यादा काम करवाती है, तो उसे ओवरटाइम देना अनिवार्य है।

ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर पर किया जाना चाहिए।

नियम तोड़ने पर कंपनी को ₹10,000 जुर्माना या 3 महीने की जेल हो सकती है।


वेतन भुगतान कानून: 7 तारीख तक सैलरी मिलनी चाहिए

अगर आपकी सैलरी समय पर नहीं मिलती, तो पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट 1936 के तहत कंपनी पर कार्रवाई हो सकती है।

देरी से सैलरी देने पर क्या सजा है?

कानून के मुताबिक, हर महीने की 7 तारीख तक वेतन मिल जाना चाहिए।

अगर कंपनी सैलरी देने में देरी करती है, तो उस पर ₹10,000 का जुर्माना या अधिकतम 6 महीने की जेल हो सकती है।


अगर कंपनी नियम तोड़े तो क्या करें?

अगर कोई कंपनी इन नियमों का पालन नहीं कर रही है, तो आप:

1. लेबर कमिश्नर ऑफिस में शिकायत दर्ज करा सकते हैं।


2. कानूनी नोटिस भेज सकते हैं।


3. कोर्ट में केस कर सकते हैं।



कर्मचारियों को अपने अधिकारों की जानकारी होना जरूरी

बहुत से कर्मचारी इन नियमों से अनजान होते हैं, जिससे कंपनियां उनका शोषण करती हैं। अगर आप भी ओवरटाइम या वेतन भुगतान में किसी दिक्कत का सामना कर रहे हैं, तो अपने अधिकारों की जानकारी रखें और सही कदम उठाएं!

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