स्वास्थ्य कर्मियों की बड़ी लापरवाही से एक्सपायर हो गई ताकत के लिए दी जाने वाली एमवीआई इंजेक्शन

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साहिबगंज: जिला मुख्यालय के सबसे बड़े सदर अस्पताल में कई तरह की दवाई मौजूद रहने के बावजूद भी गरीब मरीजों व भर्ती होकर अपना इलाज करवाने वाले मरीजों तक यह दवाई स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही के कारण नहीं पहुंच पाई है। इसके चलते काफी मात्रा में एमवीआई इंजेक्शन एक्सपायर हो चुकी है जबकि मरीज व उसके परिजन दवाई के लिए इधर उधर भटकते रहे लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों व इस मामले को देखने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों की लापरवाही के चलते मरीजों यह दवाएं नहीं मिल पाई है जो अब रखे रखे ही एक्सपायर हो गई है। वही मरीजों को बाहर से दवाइयां खरीदनी पड़ी। यह दवा सदर अस्पताल के ड्यूटी रूम में पड़ा है जिसको लेकर भर्ती मरीज के परिजनों ने सवाल भी उठाया है। दरअसल शनिवार को वार्ड में भर्ती मरीजों को एएनएम के द्वारा सलाइन चढ़ाया जा रहा था इसी दौरान स्लाइन में ताकत के लिए दी जाने वाली इंजेक्शन निकाला गया। इसपर परिजनों की नजर पड़ने पर कई सवाल उठने लगा हालांकि उस वक़्त मरीजो को यह इंजेक्शन तत्काल नही दिया गया है। जानकारी के अनुसार मल्टी विटामिन के लिए यह इंजेक्शन सलाइन में दिया जाता है ताकि मरीजों को ताकत मिले। लेकिन यह इंजेक्शन नवंबर 2025 में ही एक्सपायरी हो चुकी है इसके बाद भी इस इंजेक्शन को ड्यूटी रूम में रखा गया है। उधर भूलवश किसी स्वास्थ्य कर्मी की बड़ी लापरवाही से अगर किसी मरीज को यह इंजेक्शन स्लाइन में पड़ गया तो जानलेवा भी हो सकता है। जहां इस प्रकार की घोर लापरवाही स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता को दर्शाता है। इधर मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग अब अपनी इन खामियों को छुपाने के लिए एक्सपायरी हो चुकी मल्टी विटामिन दवाई को इधर-उधर छुपाने में लगे हुए है।

पहले भी एक्सपायर हो चुकी कई दवाईयां

वही सदर अस्पताल में दवाई एक्सपायरी का यह पहला मामला नही है। जहां इससे पहले भी यहां कई तरह की दवाई स्वास्थ्य कर्मियों व संबंधित स्वास्थ्य अधिकारियों के सही तरीके से जांच पड़ताल नहीं करने के कारण एक्सपायर हो चुकी है। पिछले वर्ष 2024 में भी पेट दर्द समेत कई दवा एक्सपायर हो चुकी है जबकि भारी मात्रा में स्लाइन भी एक्सपायर हो चुकी है। उधर एक्सपायर हो चुकी स्लाइन को छुपाने की नीयत से अस्पताल के कुछ कर्मियों ने उसे नाली बहा दिया था जिसका खबर प्रकाशित होने के बाद जांच टीम गठित की गई थी। जहां जांच टीम द्वारा इस मामले में कई स्वास्थ कर्मियों से पूछताछ भी की गई थी मगर पूरे मामले में लीपापोती कर इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

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