Jadugoda:मुसाबनी प्रखंड के डोमजूडी गांव में शनिवार को पारंपरिक वाऊड़ा रथयात्रा (उल्टा रथ) श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ निकाली गई। नौ दिनों तक मौसीबाड़ी में विराजमान रहने के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा विधि-विधान के साथ अपने मूल धाम मदन मोहन मंदिर लौटे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने रथयात्रा में भाग लेकर महाप्रभु का आशीर्वाद प्राप्त किया।
आदिम झारखंड वैष्णव बैरागी के अध्यक्ष नवदीप दास के नेतृत्व में निकली रथयात्रा में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। आगे भगवान का सुसज्जित रथ चल रहा था, जबकि पीछे-पीछे महिलाएं, पुरुष और युवा भजन-कीर्तन के साथ नृत्य करते हुए चल रहे थे। पूरे मार्ग में “जय जगन्नाथ” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
रथयात्रा में मुख्य अतिथि के रूप में पोटका विधायक संजीव सरदार शामिल हुए। उन्होंने श्रद्धालुओं के साथ भगवान जगन्नाथ के रथ की पवित्र रस्सी खींचकर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की। इस दौरान रथ की रस्सी खींचने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला परिषद सदस्य हिरण्यमय दास भी मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में पंचायत समिति सदस्य जालिम मार्डी, जय गोपाल दास (उपमुखिया), राम रेनू दास, श्रीकांत दास, सुधन दास, मुखिया अनीता मुर्मू, हरिहर दास, मिहिर दास, समर दास, मदन मोहन दास, हेमंत दास, मृत्युंजय दास, चंचल दास, ललन साह, संजय गुप्ता, विवेक सिंह, खगेंद्र नाथ दास सहित डोमजूडी के ग्रामीणों और वैष्णव समाज के सदस्यों ने सक्रिय योगदान दिया।
आयोजकों ने कहा कि वाऊड़ा रथयात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने भाग लेकर इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया

















