Adityapur : समाहरणालय सभागार में सोमवार को उप विकास आयुक्त श्रीमती रीना हांसदा की अध्यक्षता में कृषि, पशुपालन, मत्स्य, गव्य विकास, सहकारिता एवं अन्य संबद्ध विभागों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए किसानों की आय बढ़ाने, कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ किसानों की आय वृद्धि के लिए दीर्घकालिक कार्ययोजना (रोडमैप) तैयार करने तथा योजनाओं का समयबद्ध और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने पूर्व में चिन्हित क्लस्टरों (लैम्प्स) में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए अधिक से अधिक किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को विभागीय योजनाओं की व्यापक जानकारी देने, कृषि यंत्र एवं सहायक उपकरणों का वितरण, गुणवत्तायुक्त बीजों की समय पर उपलब्धता तथा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए। मौसम विभाग द्वारा कम वर्षा की संभावना को देखते हुए खरीफ फसलों की समय पर बुआई, आवश्यक कृषि परामर्श एवं वैकल्पिक कृषि पद्धतियों के प्रति किसानों को जागरूक करने को कहा गया।
पशुधन विकास योजना की समीक्षा में ऐसे चयनित लाभुकों को शीघ्र पशुधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिल सका है। वहीं मेधा डेयरी सेंटर की स्थापना के लिए सभी अंचल अधिकारियों एवं नगर निकायों को उपयुक्त भूमि चिन्हित कर जिला मुख्यालय को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
मत्स्य विभाग की समीक्षा के दौरान जिले के सभी तालाबों की बंदोबस्ती निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करने, मत्स्य पालकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने तथा जेएसएलपीएस के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय सहायता की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि जेएसएलपीएस के माध्यम से संचालित योजनाओं की जानकारी अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों एवं स्वयं सहायता समूहों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने दीदी सखी, वित्त सखी एवं अन्य सामुदायिक संवर्गों के माध्यम से पात्र लाभुकों को आजीविका एवं स्वरोजगार योजनाओं से जोड़कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने तथा ‘लखपति दीदी’ की संख्या बढ़ाने के लिए निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए।
बैठक में कृषि एवं सहकारिता विभाग को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना का दायरा बढ़ाने, शत-प्रतिशत पात्र किसानों का ई-केवाईसी समय पर पूरा कराने तथा खरीफ मौसम को देखते हुए किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान विभिन्न क्षमता वाले गोदाम निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्माण कार्यों में अनावश्यक विलंब अथवा अनियमितता पाए जाने पर संबंधित संवेदकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसे संवेदकों को कार्य आवंटित नहीं करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सदस्यता अभियान चलाकर सहकारी संस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया गया।
बैठक के अंत में उप विकास आयुक्त ने सभी विभागों से निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध, पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख कार्यशैली अपनाते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि किसानों की आय में सतत वृद्धि हो और जिले में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, उपनिदेशक आत्मा सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।








