उपायुक्त की अध्यक्षता में एमपी-एमएलए लैड, सीएसआर, खेल एवं पर्यटन योजनाओं की गहन समीक्षा बैठक संपन्न

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स्थानीय विकास में तेजी लाने, पारदर्शिता और समन्वय को प्राथमिकता देने पर बल

जिला मुख्यालय, जमशेदपुर — समाहरणालय सभागार में उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद एवं विधायक निधि (MP/MLA LAD), कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR), खेल और पर्यटन से संबंधित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में विकास योजनाओं की गति को तेज करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और आपसी समन्वय को मजबूत बनाना था।बैठक में उप विकास आयुक्त श्री अनिकेत सचान, सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता एवं कई कॉर्पोरेट प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

सीएसआर योजनाओं में सामाजिक जिम्मेदारी को प्राथमिकता

सीएसआर योजनाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कंपनियों द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम केवल औपचारिकता न रह जाएँ, बल्कि उनका वास्तविक लाभ समाज के वंचित तबकों तक पहुँचे। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, कौशल विकास एवं आजीविका संवर्धन जैसे प्राथमिक क्षेत्रों में ठोस और दीर्घकालिक परिणामों पर बल दिया।
उपायुक्त ने कॉरपोरेट प्रतिनिधियों को सुझाव दिया कि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाओं को डिज़ाइन करें और क्रियान्वयन में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करें।

MP/MLA निधि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन

सांसद और विधायक निधि के अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कार्यदायी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे सभी लंबित योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्ता पूर्ण तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि निधियों का सही और प्रभावी उपयोग ही स्थानीय जनहित में उनकी सार्थकता को दर्शाता है।

खेल और पर्यटन को मिली प्राथमिकता

खेल सुविधाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिले में ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को उभारने हेतु बेहतर खेल मैदान और संसाधनों की आवश्यकता है। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे गांवों में खेल संरचनाओं के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करें और ज़मीनी स्तर की प्रतिभाओं को उचित मंच दें।

पर्यटन योजनाओं पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि जिले में मौजूद प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को विकसित करने की अपार संभावनाएँ हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि पर्यटन योजनाएं क्षेत्र की विशिष्टता को ध्यान में रखकर बनाई जाएँ ताकि स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलें और जिले का पर्यटन मानचित्र भी समृद्ध हो।

बेहतर समन्वय और निष्पादन पर ज़ोर

बैठक के समापन पर उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय बढ़ाएं और योजनाओं को धरातल पर लाने हेतु एकजुट प्रयास करें। उन्होंने कहा, “जिले में संसाधनों की कोई कमी नहीं है, कमी है तो केवल बेहतर तालमेल और समयबद्ध निष्पादन की।”

बैठक में उपस्थित अधिकारीगण

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला योजना पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता, एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हुए।यह बैठक जिले के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक प्रभावी कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गति और प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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