डहरे टुसु परब 2026: पटमदा की 13 सांस्कृतिक टीमें करेंगी झारखंडी लोक अस्मिता का भव्य प्रदर्शन

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Jamshedpur :झारखंड की लोक-संस्कृति, परंपरा और सामुदायिक एकता का प्रतीक डहरे टुसु परब 2026 को लेकर तैयारियां अब ठोस रूप ले चुकी हैं। आगामी 4 जनवरी 2026 को डिमना से साकची आमबाग तक आयोजित होने वाले इस पारंपरिक महापर्व में पटमदा प्रखंड की 13 पारंपरिक सांस्कृतिक टीमों की सहभागिता सुनिश्चित कर दी गई है।
इसको लेकर शनिवार को पटमदा प्रखंड अंतर्गत कुड़माली भवन, लोवाडीह में एक महत्वपूर्ण और व्यापक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में क्षेत्र के वरिष्ठ संस्कृति प्रेमी, सामाजिक कार्यकर्ता, युवा प्रतिनिधि, महिला प्रतिभागी एवं टुसुमनी से जुड़े अनेक साथी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
बैठक का मुख्य उद्देश्य डहरे टुसु परब को सफल, अनुशासित और भव्य रूप देने की रणनीति तय करना रहा। जानकारी दी गई कि इस वर्ष टुसु परब में महिलाओं और युवतियों की सशक्त भागीदारी देखने को मिलेगी, जो झारखंड की लोक-संस्कृति में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करेगी।
इसके अलावा जाल्ला कॉलेज की सांस्कृतिक टीम भी पारंपरिक गीत-संगीत और लोकनृत्य के माध्यम से आयोजन की शोभा बढ़ाएगी।
बैठक के दौरान पारंपरिक टुसु गीत, लोकनृत्य, ढोल-नगाड़ा, पारंपरिक वेशभूषा एवं सांस्कृतिक अनुशासन बनाए रखने पर विस्तार से चर्चा की गई। सभी ने आयोजन को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित और जनभागीदारी आधारित बनाने पर एकमत सहमति जताई।
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि डहरे टुसु परब केवल उत्सव नहीं, बल्कि यह झारखंड की लोक अस्मिता, सांस्कृतिक पहचान और सामुदायिक एकता का सशक्त प्रतीक है।
साथ ही नई पीढ़ी को अपनी भाषा, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के उद्देश्य को प्रमुखता देने का निर्णय लिया गया।
बैठक के अंत में सभी उपस्थित साथियों ने सामूहिक संकल्प लिया कि डहरे टुसु परब 2026 को पूरी निष्ठा, जिम्मेदारी और सामूहिक प्रयास से भव्य, गरिमामय और ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

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