Adityapur : राजनगर प्रखंड के ईचा में चैत्र माह की बासंती पूजा के अवसर पर भव्य छऊ उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राज परिवार के Shri Shri 108 Mahaprabhu Shri Raghunath Temple के तत्वावधान में किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा पारंपरिक कला-संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करना रहा।
आयोजित छऊ उत्सव में कोल्हान क्षेत्र के विभिन्न कला दलों ने पूरी रात आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। चंदनखिरी, जयपुर दुबिका बेड़ा, जंधिया (मयूरभंज) सहित सरायकेला के कलाकारों ने भाग लेकर अपनी शानदार प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। छऊ नृत्य के साथ-साथ अन्य पारंपरिक लोक कलाओं का भी प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि राजनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में छऊ नृत्य की समृद्ध परंपरा रही है। इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए इस तरह के आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिखरी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए मंच उपलब्ध कराना समय की मांग है।
छऊ गुरु तपन पटनायक ने कहा कि सुदूर गांवों के कलाकारों को प्रोत्साहित करना और उन्हें मंच प्रदान करना जरूरी है, ताकि छऊ की सांस्कृतिक धारा निरंतर प्रवाहित होती रहे। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण कलाकार समर्पित भावना से इस कला को जीवंत बनाए हुए हैं।
आयोजन में वैधानच सिंहदेव, प्रदीप कुमार सिंहदेव, जलेश्वर सिंहदेव, राजकुमार सिंहदेव, डी.के. सिंहदेव, वासुदेव सिंहदेव सहित कई गणमान्य लोग एवं कला प्रेमी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण कलाकारों को नई पहचान मिलेगी और उनकी कला को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।









