विधायक सविता महतो ने शून्यकाल में उठाया चांडिल डैम विस्थापितों का मुद्दा

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Ranchi:झारखंड विधानसभा के शून्यकाल में मंगलवार को ईचागढ़ विधायक सविता महतो ने चांडिल डैम निर्माण से प्रभावित विस्थापितों की longstanding समस्याओं को जोरदार तरीके से सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि चांडिल डैम का निर्माण हुए 42 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन 84 मौजा के 116 गांव आज भी पूर्ण पुनर्वास और उचित मुआवजे से वंचित हैं।

विधायक ने बताया कि डैम के जल भंडारण की क्षमता निर्धारित सीमा में नहीं रहने के कारण हर वर्ष कई गांव बाढ़ की चपेट में आते हैं, जिससे ग्रामीणों का जीवन, फसल और आवास लगातार संकट में रहता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि विस्थापितों के सम्पूर्ण पुनर्वास के लिए 50 करोड़ रुपये की विशेष राशि उपलब्ध कराई जाए।

साथ ही, उन्होंने डैम के आरएल मीटर की बाध्यता हटाने, प्रभावित परिवारों को उचित भुगतान सुनिश्चित करने और जल भंडारण की क्षमता को 180 आरएल मीटर से नीचे रखने की मांग की, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति पर रोक लगाई जा सके।

विधायक सविता महतो ने कहा कि चांडिल डैम विस्थापितों का संघर्ष चार दशकों से जारी है और अब राज्य सरकार को ठोस कदम उठाते हुए उन्हें न्याय देना चाहिए।

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