सड़क हादसों पर चंपई सोरेन ने जताई चिंता, बोले- नो-एंट्री व्यवस्था की हो प्रभावी निगरानी

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Jamshedpur : औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को लेकर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने चिंता जताई है। बुधवार को वे बर्मामाइंस थाना पहुंचे और पुलिस पदाधिकारियों से मुलाकात कर क्षेत्र की यातायात व्यवस्था तथा हाल में हुई सड़क दुर्घटना की जानकारी ली। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने भारी वाहनों के परिचालन और नो-एंट्री व्यवस्था की निगरानी को लेकर सवाल उठाए।

यह मामला बर्मामाइंस के सुनसुनिया गेट के पास हुई दुर्घटना से जुड़ा है, जिसमें 27 वर्षीय सागर गोप की मौत हुई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार मंगलवार रात करीब 10:30 बजे ट्रेलर की चपेट में आने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हुआ और इलाज के लिए टीएमएच ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। अलग-अलग रिपोर्टों में ट्रेलर द्वारा युवक को करीब 30 से 50 मीटर तक घसीटे जाने की जानकारी सामने आई है।

चंपई सोरेन ने कहा कि सुनसुनिया गेट टाटा कंपनी से जुड़ा क्षेत्र है और दुर्घटना में जान गंवाने वाले युवक के परिवार को टाटा कंपनी की ओर से मुआवजा दिलाने की जिम्मेदारी ली जानी चाहिए। उन्होंने जमशेदपुर में टाटा की विभिन्न औद्योगिक एवं अनुषांगिक इकाइयों के कारण भारी वाहनों की आवाजाही का उल्लेख करते हुए उनके परिचालन की निगरानी को जरूरी बताया।

पूर्व मुख्यमंत्री ने नो-एंट्री के समय को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि शहर में भारी वाहनों के प्रवेश के लिए नो-एंट्री समाप्त होने का समय रात 11 बजे निर्धारित है, तो उससे पहले 10 से 10:30 बजे के बीच भारी वाहन शहर के अंदर कैसे पहुंच रहे हैं। उनके अनुसार, निर्धारित समय तक भारी वाहनों को शहर के बाहर रोके जाने की व्यवस्था होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि जमशेदपुर में लगातार सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। दुर्घटनाओं की खबरें सामने आने के बावजूद उनकी रोकथाम और पीड़ित परिवारों को राहत देने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करना जरूरी है। उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से यातायात व्यवस्था की नियमित और गंभीर निगरानी करने की मांग की।

चंपई सोरेन ने मंगलवार रात की घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि दुर्घटना की परिस्थितियां गंभीर थीं। उन्होंने टाटा कंपनी और जिला प्रशासन से संयुक्त रूप से यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने, नो-एंट्री के पालन और भारी वाहनों की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक शहर होने के कारण जमशेदपुर में भारी वाहनों की आवाजाही स्वाभाविक रूप से अधिक है। ऐसे में यातायात प्रबंधन और सड़क सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन तथा संबंधित औद्योगिक प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।

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