Big Breking: झारखंड विधानसभा में बाबूलाल मरांडी बने नेता प्रतिपक्ष, भाजपा का बड़ा फैसला

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भाजपा ने बाबूलाल मरांडी को बनाया विधायक दल का नेता Ranchi: झारखंड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा राजनीतिक फैसला लेते हुए दिग्गज नेता बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता चुना है। इसके साथ ही वे अब झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका भी निभाएंगे।

चुनावी नतीजों के करीब चार महीने बाद पार्टी ने इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। इससे पहले, नेता प्रतिपक्ष की दौड़ में कई नामों की अटकलें थीं, लेकिन अंततः भाजपा विधायकों ने सर्वसम्मति से बाबूलाल मरांडी को इस पद के लिए चुना। भाजपा पर्यवेक्षक भूपेंद्र यादव ने इस फैसले की पुष्टि की और बताया कि नवीन जायसवाल, नीरा यादव और राज सिन्हा ने इस प्रस्ताव को रखा, जिसे सभी विधायकों का समर्थन मिला।

बाबूलाल मरांडी का सियासी सफर

बाबूलाल मरांडी झारखंड की राजनीति का एक बड़ा नाम हैं। वे राज्य के पहले मुख्यमंत्री होने के साथ-साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता भी रह चुके हैं। उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से हुई थी और उन्होंने एक लंबा संघर्ष करते हुए खुद को झारखंड की राजनीति में स्थापित किया।

बाबूलाल मरांडी का जन्म और शिक्षा

बाबूलाल मरांडी का जन्म 11 जनवरी 1958 को गिरिडीह जिले के कोदाईबांक गांव में हुआ।

उन्होंने रांची विश्वविद्यालय से भूगोल में स्नातकोत्तर (Post Graduation) किया।

छात्र जीवन के दौरान ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़ गए।

राजनीतिक सफर और महत्वपूर्ण उपलब्धियां

पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने गांव के स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्य किया।

उन्हें झारखंड क्षेत्र के विश्व हिंदू परिषद का संगठन सचिव बनाया गया।

बाद में, उन्होंने अपनी खुद की पार्टी झारखंड विकास मोर्चा (JVM-P) की स्थापना की और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहे।

वे 12वीं, 13वीं, 14वीं और 15वीं लोकसभा के सांसद रहे हैं।

1998 से 2000 तक वे एनडीए सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री भी रहे।

उन्होंने झारखंड में विकास और आदिवासी सशक्तिकरण के लिए कई महत्वपूर्ण नीतियों पर काम किया।

भाजपा को मिलेगा मरांडी के अनुभव का फायदा

बाबूलाल मरांडी को विधायक दल का नेता बनाए जाने के बाद झारखंड भाजपा कार्यकर्ताओं में नए जोश और उत्साह का माहौल है। पार्टी को उम्मीद है कि उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से झारखंड में भाजपा को मजबूती मिलेगी और वे विपक्ष की भूमिका को प्रभावी ढंग से निभाएंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बाबूलाल मरांडी का चयन भाजपा के लिए एक बड़ा और अहम फैसला है। उनके नेतृत्व में पार्टी आने वाले दिनों में झारखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।

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