अंबेडकर जयंती पर बिहार की सियासत पर बयान, सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उठे सवाल

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Jamshedpur : अंबेडकर जयंती के अवसर पर बिहार की राजनीतिक स्थिति को लेकर एक बयान सामने आया है, जिसमें सामाजिक न्याय की विचारधारा पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सामाजिक चिंतक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता, बिहार के छपरा (तरैया) निवासी सुधीर कुमार पप्पू ने प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि आजादी के बाद पहली बार ऐसी स्थिति बन रही है, जब बिहार में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने की बात कही जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि यह बदलाव सामाजिक न्याय की विचारधारा के विपरीत है और इससे राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह दिन, जो सत्तूवन नव वर्ष और डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के रूप में मनाया जाता है, बिहार के राजनीतिक इतिहास में विशेष रूप से याद रखा जाएगा।

सुधीर कुमार पप्पू ने यह भी आरोप लगाया कि यह राजनीतिक घटनाक्रम एक सुनियोजित रणनीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi और गृहमंत्री Amit Shah की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar को एक साजिश के तहत पद से हटाया गया।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा ने पहले Lalu Prasad Yadav की सरकार को कमजोर करने के लिए नीतीश कुमार का उपयोग किया और बाद में अपने नेता Samrat Choudhary को मुख्यमंत्री बनाकर राज्य में सत्ता परिवर्तन का रास्ता तैयार किया।

हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में यह मुद्दा और अधिक चर्चा का विषय बन सकता है।

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