बिहार-झारखंड अल्पसंख्यक आयोग अध्यक्षों की मुलाकात, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय पर हुई चर्चा

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Jamshedpur : बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी और झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान के बीच रविवार को महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस दौरान दोनों राज्यों में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े सामाजिक, शैक्षणिक, आर्थिक एवं संवैधानिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में अल्पसंख्यकों के कल्याण, शिक्षा, रोजगार, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सामाजिक सौहार्द तथा समुदाय के समक्ष मौजूद चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों अध्यक्षों ने अल्पसंख्यक समुदाय के अधिकारों की रक्षा, शिक्षा एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने तथा सरकार और समाज के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

बैठक के दौरान बिहार राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गुलाम रसूल बलियावी ने झारखंड में अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने बताया कि हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने यह मांग झारखंड के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी के समक्ष रखी थी, जिस पर मंत्री ने सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया था।

बलियावी ने कहा कि बिहार में मौलाना मजहरुल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना के बाद आलिम और फाजिल की डिग्रियों को विश्वविद्यालय से जोड़कर उन्हें शैक्षणिक व्यवस्था में मान्यता दिलाने की दिशा में कार्य किया गया। इसी तर्ज पर झारखंड में भी कादरी अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की जानी चाहिए, ताकि आलिम और फाजिल की डिग्रियों को संस्थागत पहचान मिले और विद्यार्थियों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें।

इस पर झारखंड राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष हिदायतुल्लाह खान ने बताया कि इस दिशा में प्रयास शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन अंसारी से विस्तृत चर्चा हुई है और मंत्री ने आश्वस्त किया है कि वे इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी बातचीत करेंगे।

बैठक सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। दोनों आयोगों के अध्यक्षों ने भविष्य में भी अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े मुद्दों पर आपसी समन्वय और सहयोग बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की।

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