Jamshedpur : बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शीघ्र पूर्ण कर नियमित जलापूर्ति शुरू करने की मांग को लेकर ग्राम विकास संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को टाटानगर स्टेशन गोलचक्कर पर एक दिवसीय अनशन आयोजित किया गया। पूर्व जिला पार्षद किशोर यादव के नेतृत्व में आयोजित यह अनशन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर अपनी नाराजगी जताई।
अनशन के उपरांत समिति के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के आवासीय कार्यालय पहुंचकर मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में कहा गया कि बागबेड़ा वृहद ग्रामीण जलापूर्ति योजना पिछले 11 वर्षों से अधूरी पड़ी हुई है। इस दौरान पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा कई बार योजना को पूरा कर जलापूर्ति शुरू करने की समय-सीमा घोषित की गई, लेकिन हर बार क्षेत्रवासियों को केवल आश्वासन ही मिला।
समिति का आरोप है कि योजना पर अब तक लगभग 150 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च हो चुकी है, इसके बावजूद बागबेड़ा और आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोग आज भी स्वच्छ पेयजल की सुविधा से वंचित हैं। भीषण गर्मी के मौसम में पेयजल संकट और गंभीर हो गया है, जिससे लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मांग पत्र में उल्लेख किया गया कि 22 मार्च को पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार ने जून के प्रथम सप्ताह से आंशिक जलापूर्ति शुरू करने का आश्वासन दिया था। हालांकि जून का दूसरा सप्ताह समाप्त होने के बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी, जिससे लोगों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्राम विकास संघर्ष समिति ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि योजना के शेष कार्यों को आगामी 15 दिनों के भीतर पूरा कर नियमित जलापूर्ति प्रारंभ की जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो जनहित में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन शुरू किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और प्रशासन की होगी।
अनशन कार्यक्रम में नीरज सिंह, पंचायत समिति सदस्य सुनील गुप्ता, विकास यादव, सुरेश निषाद, शिवजी सिंह, श्याम किशोर, सुशील कुमार सोहो, कुमुद यादव, संतोष ठाकुर, पिंटू चौबे, पवन ओझा, गोविंद यादव, प्राण राय, धर्मेंद्र चौहान, विष्णु ठाकुर, सचिन पांडेय, अनिल गोस्वामी, कमलेश साह, सचिन पोद्दार, बाहामुनी हेमरम, अजीत सिंह सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्षों से लंबित इस महत्वाकांक्षी योजना के शीघ्र पूरा होने से बागबेड़ा समेत आसपास के इलाकों में पेयजल संकट का स्थायी समाधान संभव हो सकेगा।









