सरायकेला, 27 अगस्त। नालसा (NALSA) की मानव-वन्यजीव संघर्ष योजना के तहत सरायकेला एवं कुचाई प्रखंड में जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को मानव-वन्यजीव संघर्ष से बचाव, सावधानियों तथा प्रभावित लोगों को उपलब्ध कानूनी सहायता और सरकारी प्रावधानों की जानकारी देना था।
शिविर के दौरान ग्रामीणों को जंगली जानवरों के साथ संघर्ष की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी गई। सर्पदंश जैसी घटनाओं में तत्काल चिकित्सा सहायता लेने और संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
ग्रामीणों को बताया गया कि मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं में प्रभावित व्यक्तियों तथा मृत्यु की स्थिति में पात्र परिवार के सदस्यों को सरकार के निर्धारित नियमों के अनुसार मुआवजा एवं अन्य अनुमन्य सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा कानूनी सहायता, सरकारी मुआवजा और राहत से संबंधित प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के दौरान लोगों से अपील की गई कि वन्यजीवों से जुड़ी किसी भी घटना को गंभीरता से लें और अप्रिय स्थिति उत्पन्न होने पर बिना देरी किए चिकित्सा एवं प्रशासनिक सहायता प्राप्त करें।
शिविर में पैरा-लीगल वालंटियर्स (PLVs) तरामणी बांडिया और जोशना महतो सहित अन्य स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और ग्रामीणों को आवश्यक जानकारी देकर जागरूक किया।
आयोजकों ने बताया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को रोकना, जनहानि को कम करना तथा प्रभावित परिवारों को उनके अधिकारों एवं उपलब्ध सरकारी सहायता के प्रति जागरूक करना है।

















