सरायकेला। चांडिल डैम विस्थापित समन्वय मंच की तीन दिवसीय यात्रा की शुरुआत डीयाडीह गांव से हुई। यात्रा के पहले दिन ग्रामीणों में विस्थापन से जुड़े मुद्दों को लेकर आक्रोश देखने को मिला।
ग्रामीणों ने कहा कि विस्थापितों की समस्याओं को लेकर कई बार आंदोलन किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वे संगठन के साथ खड़े रहने को तैयार हैं, लेकिन संगठन को भी विस्थापितों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजबूती से खड़ा होना होगा। ग्रामीणों ने मांगों को लेकर बड़े आंदोलन की जरूरत बताई।
समन्वय मंच की ओर से श्यामल मार्डी ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि संगठन विस्थापितों के साथ हमेशा खड़ा रहेगा और उनके अधिकारों की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करेगा।
तीन दिवसीय यात्रा के पहले दिन डीयाडीह से शुरू होकर यात्रा सखाडीह, खखरो, रुगड़ी और पहाड़धार होते हुए हाड़ात पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।
यात्रा में विवेक सिंह, अवधेश मुर्मू, रेहना महतो, अंबिका यादव, बिन्शु महापात्र, राकेश महतो, सजीत यादव, श्यामल मार्डी, मनोहर महतो और हरेकृष्ण महतो सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए।
















