आदित्यपुर में कचरा डंपिंग से बढ़ा जनाक्रोश, कल्पनापुरी के लोगों ने दी आंदोलन की चेतावनी

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Adityapur:आदित्यपुर में कचरा डंपिंग की समस्या अब गंभीर जनाक्रोश का रूप लेती जा रही है। नगर निगम कार्यालय और रिहायशी इलाकों, खासकर कल्पनापुरी के आसपास लगातार कचरा फेंके जाने से स्थानीय लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। विरोध के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या बरसात के मौसम में और भयावह हो जाती है। कचरे के ढेर पर बारिश का पानी जमा होने से न केवल असहनीय दुर्गंध फैलती है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा खतरा बन गया है। कचरे से निकलने वाला दूषित पानी जमीन में समा रहा है, जिससे भूजल प्रदूषित हो रहा है और बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं रह गया है।

इसके अलावा, सड़ते कचरे और ठहरे पानी में मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे डेंगू, मलेरिया, हैजा और टाइफाइड जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा लगातार बना हुआ है। वहीं कचरे से निकलने वाली मेथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड जैसी जहरीली गैसें सांस के मरीजों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही हैं।

नगर निगम के अधिकारियों का दावा है कि सापड़ा क्षेत्र में कचरा डंपिंग के लिए स्थान चिन्हित किया गया है। लेकिन हकीकत यह है कि ठेकेदार और वाहन चालक वहां तक जाने के बजाय नजदीक में ही कचरा गिरा रहे हैं, जिससे यह समस्या और विकराल होती जा रही है। इसे प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी की कमी के रूप में देखा जा रहा है।

कल्पनापुरी के निवासियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कचरा डंपिंग यार्ड को यहां से हटाया नहीं गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन इस बढ़ते जनाक्रोश को कितनी गंभीरता से लेता है और समस्या का समाधान कब तक करता है।

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