गोपालगंज/बैकुंठपुर। बाढ़ की मुश्किल घड़ी में जब प्रभावित परिवारों के सामने भोजन और दैनिक जरूरतों का संकट खड़ा है, ऐसे समय में बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत गम्हारी में एक बुजुर्ग किसान ने मानवीय संवेदना की मिसाल पेश की है। 75 वर्षीय किसान पहलाद प्रसाद ने अपने निजी खर्च से बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच राशन एवं आवश्यक खाद्य सामग्री का वितरण कराया।
पहलाद प्रसाद का कहना है कि यह सेवा किसी एक वर्ष या एक अवसर तक सीमित नहीं है। जब भी क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है, वे अपने परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर निजी स्तर पर प्रभावित लोगों की सहायता के लिए आगे आते हैं।
जितिया पर्व पर किसी परिवार की खुशी न छूटे, इसलिए फल और चूड़ा-मिठाई का भी वितरण
बाढ़ के बीच इस बार जितिया पर्व को लेकर भी पहलाद प्रसाद ने विशेष पहल की। उनका प्रयास रहा कि आर्थिक और बाढ़ की परेशानियों के कारण किसी जरूरतमंद परिवार का पर्व फीका न पड़े। इसी उद्देश्य से बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच फल, चूड़ा और मिठाई सहित अन्य सामग्री का वितरण कराया गया।
राहत सामग्री लेकर कार्यकर्ता और सहयोगी नाव के माध्यम से जलमग्न इलाकों तक पहुंचे और जरूरतमंद परिवारों के बीच सामग्री वितरित की। बाढ़ से घिरे घरों तक राहत पहुंचाने के दौरान कई जगह पानी के बीच से होकर लोगों को जाना पड़ा।
ग्रामीणों ने भी बढ़ाया सहयोग का हाथ
राहत वितरण के इस कार्य में स्थानीय ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। पहलाद प्रसाद के परिवार के सदस्यों के साथ ग्रामीणों ने मिलकर सामग्री को जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।
इस दौरान पूर्व आर्मी सेवानिवृत्त गुड्डू साह, कौशिक उर्फ बाबलू, डॉक्टर विवेक कुशवाहा, टीकेपी हॉस्पिटल के निदेशक रोहित समेत अन्य लोगों ने भी राहत सामग्री के वितरण में सहयोग किया।
बाढ़ के समय वर्षों से जारी है सेवा
स्थानीय स्तर पर पहलाद प्रसाद की इस पहल को केवल राहत वितरण तक सीमित नहीं माना जा रहा है। बाढ़ आने पर अपने निजी संसाधनों से प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाना उनके परिवार की पुरानी परंपरा बताई गई है। इस बार भी उन्होंने बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जरूरतमंदों तक राशन सामग्री के साथ-साथ पर्व से जुड़ी आवश्यक सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया।

















