Jamshedpur : रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित ‘आदिवासी एकता महाजुटान’ को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुवर दास ने कांग्रेस और रैली के आयोजकों पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं, मंत्रियों और विधायकों की मौजूदगी तथा राहुल गांधी का संदेश पढ़े जाने से आयोजन के पीछे की राजनीतिक मंशा स्पष्ट होती है।
रघुवर दास ने कहा कि आयोजकों ने भले ही इसे ‘रैली नहीं, रेला’ बताया हो, लेकिन इतनी बड़ी भीड़ को कांग्रेस के संगठनात्मक प्रभाव का परिणाम नहीं माना जा सकता। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक संगठनों और ईसाई मिशनरियों के प्रभाव से भीड़ जुटाई गई तथा रैली में सरना आदिवासियों की उपस्थिति बेहद कम रही।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय सरना आदिवासी समिति की ओर से भी आयोजन को लेकर विरोध जताया गया था। उनके मुताबिक, समिति ने एक चर्च धर्मगुरु के पत्र का हवाला देते हुए आरोप लगाया था कि आयोजन में मुख्य रूप से ईसाई आदिवासियों को केंद्र में रखा गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने महाजुटान को झामुमो के खिलाफ कांग्रेस में चल रही सत्ता की प्रतिस्पर्धा और राजनीतिक खींचतान के बीच शक्ति प्रदर्शन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झामुमो के पारंपरिक जनाधार में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है और महाजुटान इसी रणनीति का हिस्सा है।
रघुवर दास ने कहा कि रैली में यह प्रचार किया गया कि परिसीमन के कारण आदिवासियों के लिए आरक्षित सीटों की संख्या कम की जा रही है। उन्होंने इसे भ्रामक बताते हुए कहा कि अभी तक परिसीमन से संबंधित किसी विधेयक का प्रारूप सामने नहीं आया है और न ही प्रस्तावित प्रावधान सार्वजनिक किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि आशंका और भ्रम के आधार पर लोगों को भयभीत कर भीड़ जुटाने की कोशिश की गई। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी समाज के मुद्दों को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।
रघुवर दास ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक पंचायत से लेकर संसद तक सत्ता में रही कांग्रेस को आदिवासी हितों की बात करने से पहले अपने शासनकाल के इतिहास पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासी समाज के साथ शोषण और विश्वासघात के आरोप लगाए तथा खरसावां गोलीकांड का भी उल्लेख किया।
महाजुटान के आयोजकों द्वारा आरएसएस पर झारखंड को ‘नागपुर’ बनाने की कोशिश करने के आरोप पर रघुवर दास ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि झारखंड को छोटा नागपुर भी कहा जाता है और राज्य की पहचान उसकी ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी है।
उन्होंने आरएसएस को राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और समाजसेवा से जुड़ा संगठन बताते हुए कहा कि संगठन की प्राथमिकता राष्ट्र और समाज की सेवा है। उन्होंने आयोजकों और कांग्रेस से अपने बयानों पर विचार करने को कहा।
रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियों को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के साथ झामुमो के पुराने राजनीतिक संबंधों और मतभेदों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने तमाड़ उपचुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री को उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को याद रखना चाहिए। उनके अनुसार, अतीत के राजनीतिक घटनाक्रम कांग्रेस की रणनीति को समझने में मदद कर सकते हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक इतिहास और पुराने गठबंधनों पर भी विचार करना चाहिए।
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