Chaibasa : टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच), नोआमुंडी के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने चिकित्सा क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी (TLH) का सफल ऑपरेशन किया गया। यह ओएमक्यू डिवीजन में किया गया पहला TLH ऑपरेशन है।
टीएमएच, ओएमक्यू के सीएमओ डॉ. धीरेन्द्र कुमार के मार्गदर्शन में इस उन्नत लैप्रोस्कोपिक प्रक्रिया को सीनियर कंसल्टेंट डॉ. काली चरण मुर्मू के नेतृत्व में सफलतापूर्वक पूरा किया गया। ऑपरेशन में एनेस्थेटिस्ट डॉ. फैज़ अहसान सहित नर्सिंग एवं ऑपरेशन थिएटर की टीम ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
53 वर्षीय महिला मरीज की हुई सफल सर्जरी
मरीज 53 वर्षीय महिला थीं, जो अनियमित मासिक धर्म और डिसमेनोरिया यानी मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक दर्द की समस्या से पीड़ित थीं। चिकित्सकीय जांच और अल्ट्रासोनोग्राफी में गर्भाशय के आकार में वृद्धि तथा उसकी पिछली दीवार में इंट्राम्यूरल फाइब्रॉइड पाया गया।
आवश्यक जांच एवं प्री-ऑपरेटिव मूल्यांकन के बाद मरीज के लिए TLH की योजना बनाई गई। जनरल एनेस्थीसिया के तहत लैप्रोस्कोपिक तकनीक से ऑपरेशन सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इस दौरान किसी प्रकार की इंट्रा-ऑपरेटिव जटिलता सामने नहीं आई।
ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई गई है और चिकित्सकीय निगरानी के लिए उन्हें हाई डिपेंडेंसी यूनिट (HDU) में रखा गया है।
कम चीरे वाली आधुनिक सर्जरी
टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टॉमी एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जिकल तकनीक है। इसमें पारंपरिक बड़े चीरे के बजाय छोटे-छोटे चीरे के माध्यम से लैप्रोस्कोपिक उपकरणों की सहायता से सर्जरी की जाती है। इससे मरीज को अपेक्षाकृत कम दर्द, छोटे चीरे और सामान्य गतिविधियों में अपेक्षाकृत जल्दी लौटने जैसे लाभ मिल सकते हैं।
टीएमएच नोआमुंडी में इस उन्नत प्रक्रिया की सफल शुरुआत को क्षेत्र में आधुनिक स्त्री रोग संबंधी चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे स्थानीय मरीजों को उन्नत एवं न्यूनतम इनवेसिव सर्जिकल उपचार की सुविधा अपने क्षेत्र में ही उपलब्ध कराने की अस्पताल की क्षमता और मजबूत हुई है।

















