Jadughoda : केरूआडूंगरी पंचायत अंतर्गत तुरामडीह गांव की अगुवाई में रविवार को विस्थापित, प्रभावित, युवा एवं महिलाओं की संयुक्त ग्रामसभा की विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में तालसा, छोटा तालसा, तुरामडीह, नंदूप, पूरीहंसा, केरूआडूंगरी, बंदूहुदंग सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। बैठक में यूसीआईएल को पूर्व में सौंपे गए मांग-पत्रों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में केरूआडूंगरी पंचायत के मुखिया कान्हू मुर्मू, तुरामडीह ग्राम प्रधान राजेंद्र नायक, नंदूप ग्राम प्रधान कन्हाई गुइया, पूरीहंसा ग्राम प्रधान भोक्ता हांसदा और बंदूहुदंग ग्राम प्रधान मांगीलाल परेया उपस्थित रहे।
75 सदस्यीय जम्बो कोर कमेटी का गठन
आगामी आंदोलन और मांगों की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए संयुक्त ग्रामसभा ने 75 सदस्यीय जम्बो कोर कमेटी का गठन किया। कमेटी में ग्राम प्रधानों, युवाओं और महिलाओं को शामिल करते हुए वार्ता समिति, ग्रामसभा समन्वय समिति, लेखापाल समिति, निगरानी समिति एवं सक्रिय सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई।
इन मुद्दों पर हुई चर्चा
बैठक में विस्थापित परिवारों को नौकरी, प्रभावित युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, डेथ एवं रिटायरमेंट मामलों का निष्पादन, स्थानीय बहाली, डैम के पानी से कृषि भूमि को हो रहे नुकसान का समाधान, सीएसआर कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा, सड़क, पेयजल, कौशल विकास तथा पूर्व में सौंपे गए मांग-पत्रों पर कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बाघराय मार्डी ने जताई नाराजगी
पूर्व जिला परिषद सदस्य बाघराय मार्डी ने कहा कि विकास परियोजनाओं के लिए अपनी जमीन और आजीविका गंवाने वाले विस्थापित परिवारों के अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने यूसीआईएल से रोजगार, लंबित मामलों के समाधान और स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि यदि सकारात्मक पहल नहीं हुई तो ग्रामीण लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
मुखिया कान्हू मुर्मू ने दी आंदोलन की चेतावनी
मुखिया कान्हू मुर्मू ने कहा कि ग्रामसभा विकास की विरोधी नहीं है, लेकिन स्थानीय लोगों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि डैम से प्रभावित कृषि भूमि, स्थानीय रोजगार, विस्थापितों की नौकरी, डेथ एवं रिटायरमेंट केस और सीएसआर कार्य सामूहिक जनहित के विषय हैं। यदि यूसीआईएल प्रबंधन ने मांगों पर ठोस पहल नहीं की तो संयुक्त ग्रामसभा के नेतृत्व में व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
बैठक में सोमय परेया, मंगल पांडेय, जेना गुइया, बिक्रम हांसदा, करु टुडू, दसमत दिग्गी, शकुन परेया, झानो दिग्गी, चम्पा मुर्मू, गंगा नायक, चांबरू गुइया, आनंद मुर्मू, दिनेश मुर्मू, शंकर मुर्मू, चांदमुनी बरदा, सुमन परेया, रांडे हो, विष्णु हो, सिद्धि हो, बिक्रम टुडू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक के अंत में संयुक्त ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि 75 सदस्यीय कोर कमेटी गांव-गांव में समन्वय स्थापित कर आगामी कार्यक्रमों और आंदोलन की रणनीति तैयार करेगी। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी जायज मांगों पर सम्मानजनक और ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

















